नोएडा-गाजियाबाद के मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी!: सरकार ने 21% बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी, अकुशल-अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों की सैलरी बढ़ी, जानें मजदूरों को अब कितना मिलेगा वेतन_एक नजर
नोएडा-गाजियाबाद के मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नोएडा: नोएडा और गाजियाबाद में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम मजदूरी में 21 फीसदी की अंतरिम बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।

किसको कितना मिलेगा? (नोएडा-गाजियाबाद)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अकुशल श्रमिकों (Unskilled) का पुराना वेतन 11,313 रुपये था, जो अब बढ़कर 13,690 रुपये हो गया है। इसमें 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
अर्ध-कुशल श्रमिकों (Semi-Skilled) का पुराना वेतन 12,446 रुपये था, जो अब बढ़कर 15,059 रुपये हो गया है। इसमें भी 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
कुशल श्रमिकों (Skilled) का पुराना वेतन 13,940 रुपये था, जो अब बढ़कर 16,868 रुपये हो गया है। इसमें 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

पूरे प्रदेश में अलग-अलग दरें

गौरतलब है कि सरकार ने पूरे प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में नोएडा और गाजियाबाद आते हैं, जहां सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। दूसरी श्रेणी में नगर निगम वाले शहर हैं, जहां अकुशल श्रमिकों को लगभग 12,500 रुपये, अर्ध-कुशल को लगभग 13,800 रुपये और कुशल को लगभग 15,200 रुपये वेतन मिलेगा। तीसरी श्रेणी में प्रदेश के अन्य जनपद हैं, जहां अकुशल को लगभग 11,500 रुपये, अर्ध-कुशल को लगभग 12,500 रुपये और कुशल को लगभग 14,000 रुपये वेतन मिलेगा।

20 हजार सैलरी की अफवाह फर्जी

विदित है कि सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का सरकार ने खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह सूचना पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है। लोगों से अपील की गई है कि केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें।

आगे की योजना; वेज बोर्ड का गठन

आपको बता दें कि अगले महीने एक वेज बोर्ड (Wage Board) का गठन किया जाएगा। वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का स्थायी निर्धारण होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश में एक समान न्यूनतम आधार रेखा तय करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

नोएडा में क्या हुआ था?

सोमवार को नोएडा के फेज-2, सेक्टर 62, सेक्टर 63 और ग्रेटर नोएडा के कई औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों ने हिंसक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब 400 कंपनियों में तोड़फोड़ की और उन्हें जबरन बंद कराया। करीब एक हजार वाहनों में तोड़फोड़ की गई और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। एक पुलिस जीप को भी फूंक दिया गया। पुलिस पर जमकर पथराव किया गया। पुलिस ने 60 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 250 श्रमिकों को हिरासत में लिया गया है। इस उपद्रव में एक सब इंस्पेक्टर समेत 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद मार्ग पर घंटों ट्रैफिक जाम रहा। प्रदर्शन का असर फरीदाबाद, पलवल, लखनऊ और बुलंदशहर तक फैल गया।

सीएम योगी के अतिरिक्त निर्देश

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेतन बढ़ोतरी के अलावा श्रमिकों को समय पर वेतन, बोनस और भत्ते देने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। महिला श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। साथ ही अवैध गतिविधियों और गलत सूचना फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

नोएडा में हिंसक प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने श्रमिकों की मांगों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 21 फीसदी की अंतरिम बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि, 20 हजार रुपये वेतन की अफवाहों को सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। अब सबकी नजरें वेज बोर्ड के गठन और केंद्र सरकार की नई श्रम संहिताओं पर टिकी हैं। फिलहाल, 1 अप्रैल से नई दरें लागू होने से नोएडा-गाजियाबाद के लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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