लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वाहन चालकों और वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कई जटिल प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस में सुधार से लेकर वाहन नंबर ट्रांसफर और परमिट से जुड़ी सुविधाएं घर बैठे आसानी से मिलेंगी। सरकार द्वारा मोटरयान नियमावली 1998 में संशोधन के बाद यह नई व्यवस्था लागू हो गई है, जिससे लोगों को आरटीओ के चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिलेगी।
अब DL में गलती सुधारना हुआ आसान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले ड्राइविंग लाइसेंस (DL) में जन्मतिथि या अन्य जानकारी सुधारना एक लंबी और झंझट भरी प्रक्रिया थी। लेकिन अब आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिये हाईस्कूल सर्टिफिकेट / जन्म प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा। इससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। यानी अब “गलत DOB” ठीक कराने के लिए महीनों की भागदौड़ खत्म हो जाएगी।
पुराने वाहन का नंबर अब नए वाहन में ट्रांसफर
गौरतलब है कि नए नियम के तहत अब वाहन मालिकों को एक बड़ी सुविधा दी गई है। पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर नए वाहन में ट्रांसफर (Port) किया जा सकेगा। यह प्रक्रिया वाहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन होगी। एक साल के भीतर आवेदन करना जरूरी होगा। इससे लोग अपनी पसंद का नंबर बरकरार रख सकेंगे।
परमिट को अस्थायी रूप से बंद करना भी ऑनलाइन
आपको बता दें कि अब अगर कोई वाहन मालिक या ऑपरेटर कुछ समय के लिए अपना वाहन नहीं चलाना चाहता तो वह परमिट को अस्थायी रूप से “नॉन-यूज” घोषित कर सकता है। यह सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। अधिकतम 3-3 महीने की अवधि के लिए अनुमति मिलेगी। इससे अनावश्यक टैक्स और झंझट से राहत मिलेगी।
सारथी और वाहन पोर्टल बने गेमचेंजर
विदित है कि नई व्यवस्था में
सारथी पोर्टल: ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं
वाहन पोर्टल: रजिस्ट्रेशन, नंबर, फिटनेस, परमिट और टैक्स
इन दोनों प्लेटफॉर्म के जरिए अब लगभग सभी सेवाएं डिजिटल और आसान हो जाएंगी।
लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
•आरटीओ ऑफिस के चक्कर खत्म
•समय और पैसे की बचत
•पारदर्शी और तेज प्रक्रिया
•भ्रष्टाचार पर लगाम की संभावना
यूपी सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब परिवहन विभाग भी डिजिटल इंडिया की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सब काम डिजिटल होने से काम तेज और पारदर्शी होगा।