नई दिल्ली : हवाई जहाज से सफर करने वाले यात्रियों के लिए नए साल से टिकट बुकिंग का तरीका पहले से ज्यादा पारदर्शी होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और मौजूदा एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 की जगह लेंगे। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब एयरलाइंस यात्रियों को सिर्फ टिकट की कुल कीमत बताकर नहीं छोड़ सकेंगी। उन्हें किराए से लेकर टैक्स, एयरपोर्ट फीस, कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड की शर्तों तक का पूरा ब्योरा देना होगा। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जिन्हें टिकट बुक करते समय कम कीमत दिखाई देती है, लेकिन भुगतान के अंतिम चरण में कई अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाते हैं। नए नियमों के तहत ऐसी जानकारी छिपाना आसान नहीं होगा।
टिकट पर दिखेगा हर शुल्क का पूरा हिसाब
आपको बता दें कि नए नियमों के मुताबिक, एयरलाइंस को टिकट बुकिंग वेबसाइट और जारी किए जाने वाले ई-टिकट, दोनों पर किराए का विस्तृत विवरण देना होगा। इसमें मूल हवाई किराया, अलग-अलग टैक्स, फीस और अन्य शुल्क स्पष्ट रूप से दर्ज करने होंगे। इसके साथ ही टिकट रद्द कराने पर कितना पैसा कटेगा और रिफंड किन शर्तों पर मिलेगा, इसकी जानकारी भी पहले से देनी होगी। यानी यात्री भुगतान करने से पहले समझ सकेंगे कि टिकट की वास्तविक कीमत कितनी है और यात्रा रद्द करने की स्थिति में उन्हें कितना नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे बुकिंग के दौरान छिपे हुए शुल्क और रिफंड को लेकर होने वाली उलझन कम होने की उम्मीद है।
त्योहारों और आपातकाल में महंगे टिकटों पर सरकार कर सकेगी दखल
गौरतलब है कि नए नियमों का एक और महत्वपूर्ण पहलू सरकार को मिलने वाला हस्तक्षेप का अधिकार है। अगर केंद्र सरकार को लगता है कि कोई असाधारण परिस्थिति पैदा हो गई है और जनहित में किराए को लेकर कदम उठाना जरूरी है, तो वह लिखित आदेश जारी कर सकती है। ऐसी स्थिति में सरकार एयरलाइंस को जरूरी निर्देश दे सकेगी। माना जा रहा है कि आपदा, युद्ध या अन्य आपातकालीन हालात में हवाई किराए में असामान्य बढ़ोतरी होने पर इस प्रावधान का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, नियमों में 'असाधारण स्थिति' की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है। इसलिए किन परिस्थितियों में सरकार इस अधिकार का इस्तेमाल करेगी, यह आगे जारी होने वाले निर्देशों और सरकारी फैसलों पर निर्भर करेगा।
DGCA की निगरानी में रहेंगे एयरलाइन के किराए
नए ढांचे में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। DGCA एयरलाइंस की ओर से तय किए जाने वाले किराए की निगरानी करेगा। इससे किराया निर्धारण और नियमों के पालन पर नजर रखने की व्यवस्था अधिक स्पष्ट होगी। एयरलाइंस के लिए भी नए नियमों के अनुसार अपनी बुकिंग वेबसाइट और टिकट जारी करने वाली तकनीकी व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है। उन्हें हर टिकट पर शुल्कों का विस्तृत विवरण दिखाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
90 साल पुराने कानून की जगह नया विमानन ढांचा
विदित है कि भारतीय वायुयान नियम, 2026 को भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किया गया है। इस नए कानून ने 1934 के पुराने एयरक्राफ्ट एक्ट की जगह ली थी। अब इसके तहत 1937 से लागू पुराने विमानन नियमों को भी बदला जा रहा है।
यात्रियों को क्या होंगे बड़े फायदे?
गौरतलब है कि नए नियमों से सबसे बड़ा फायदा टिकट बुक करने वाले आम यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। इसके निम्नलिखित फायदे होने वाले हैं।
1. छिपे हुए शुल्क पर रोक: टिकट की कुल कीमत में कौन-सा शुल्क कितना है, इसकी जानकारी पहले ही मिल सकेगी।
2. कैंसिलेशन में आसानी: टिकट रद्द कराने से पहले कटने वाली रकम का पता होगा। इससे बाद में होने वाली बहस और भ्रम कम हो सकता है।
3. रिफंड की स्पष्ट जानकारी: यात्रियों को पता रहेगा कि किन शर्तों पर कितना पैसा वापस मिलेगा।
4. किराये पर सरकारी निगरानी: असाधारण हालात में सरकार को हस्तक्षेप का अधिकार मिलने से मनमानी बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने का रास्ता खुलेगा।
5. तुलना करना आसान: अलग-अलग एयरलाइंस के टिकटों की वास्तविक कीमत और शुल्क की तुलना करना आसान हो सकता है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
नए नियम लागू होने के बाद टिकट बुक करते समय यात्री मूल किराया और अतिरिक्त शुल्क अलग-अलग देख सकेंगे। टिकट रद्द करने पर लगने वाला चार्ज और रिफंड की शर्तें भी पहले से स्पष्ट होंगी। वहीं, असाधारण परिस्थितियों में सरकार को किराए पर हस्तक्षेप करने का अधिकार मिलेगा।
हो सकते इस नियन के नुकसान भी
विदित है कि नये नियम को लागू करने के लिए एयरलाइंस को अपनी तकनीकी व्यवस्था बदलने में खर्च करना होगा। इसका असर उनके संचालन खर्च पर पड़ सकता है। ऐसे में वो टिकट का दाम बढ़ा सकती हैं हालांकि, यह जरूरी नहीं कि कंपनियां इस अतिरिक्त खर्च को सीधे टिकट के दाम में जोड़ ही देंगी।
क्या 1 जनवरी से सस्ते हो जाएंगे हवाई टिकट? क्या होगा इसका प्रभाव
यह सवाल सबसे ज्यादा यात्रियों के मन में है। लेकिन नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि 1 जनवरी 2027 से हवाई टिकट अपने आप सस्ते हो जाएंगे। इनका मुख्य उद्देश्य किराए में पारदर्शिता लाना, अतिरिक्त शुल्क की जानकारी स्पष्ट करना और असाधारण परिस्थितियों में सरकार को हस्तक्षेप का अधिकार देना है।
यानी अब यात्री टिकट खरीदने से पहले उसके हर शुल्क का हिसाब देख सकेंगे। एयरलाइंस को भी अपनी कीमतों का स्पष्ट विवरण देना होगा। कुल मिलाकर नए नियम हवाई यात्रा को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकते हैं, लेकिन इनका वास्तविक असर नियम लागू होने के बाद ही साफ होगा।