दिल्ली में राशन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव!: CBDC सिस्टम से राशन व्यवस्था होगी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी, वहीं आय सीमा 1.2 लाख सालाना से बढ़कर...जानें किन नियमों में हुआ बदलाव और आम लोगों को फायदे?
दिल्ली में राशन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव!

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में राशन कार्ड को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन कार्ड बनवाने की आय सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये सालाना कर दिया है। वहीं राशन व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल की जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब लाखों ऐसे परिवारों के लिए सरकारी राशन का रास्ता खुल गया है, जो अब तक कम आय सीमा के कारण इस योजना से बाहर थे।

क्या हुआ बदलाव :

आपको बता दें कि पहले राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय सीमा 1 लाख रुपये थी, जिसे बाद में 1.2 लाख रुपये किया गया था। अब सरकार ने इसे सीधे 2.5 लाख रुपये तक बढ़ाकर बड़ा फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस फैसले से निम्न और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।

दिल्ली सरकार का बड़ा दांव

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार का कहना है कि मौजूदा समय में बढ़ती महंगाई और खर्चों को देखते हुए पुरानी आय सीमा व्यावहारिक नहीं रह गई थी। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आज के दौर में 1 लाख या 1.2 लाख रुपये सालाना आय किसी परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। सरकार का दावा है कि नए नियम लागू होने के बाद बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार सरकारी राशन योजना से जुड़ पाएंगे।

अब किन लोगों को मिलेगा फायदा?

विदित है कि नई व्यवस्था के तहत अब वे परिवार भी राशन कार्ड के लिए पात्र होंगे जिनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक है। यानी लगभग 20 से 21 हजार रुपये महीने तक कमाने वाले परिवार भी अब आवेदन कर सकेंगे।
इस फैसले के बाद—

  • निम्न आय वर्ग के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी
  • महंगाई से जूझ रहे परिवारों को सस्ता राशन मिलेगा
  • सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान होगा
  • गरीब और निम्न मध्यम वर्ग को खाद्य सुरक्षा का फायदा मिलेगा

राशन व्यवस्था होगी पूरी तरह डिजिटल

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार अब राशन वितरण प्रणाली को हाईटेक और पारदर्शी बनाने की तैयारी में भी जुट गई है। सरकार CBDC यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित स्मार्ट राशन मॉडल लागू करने पर काम कर रही है। इस नई व्यवस्था के तहत राशन सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाएगी। इसके बाद लोग अपनी सुविधा के अनुसार अधिकृत दुकानों से राशन खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे फर्जी राशन कार्ड, कालाबाजारी और गड़बड़ी पर लगाम लगेगी।

क्या होंगे नए सिस्टम के बड़े फायदे?

गौरतलब है कि नई डिजिटल राशन व्यवस्था लागू होने के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं—

सब्सिडी सीधे खाते या डिजिटल वॉलेट में

लाभार्थियों को राशन सब्सिडी सीधे डिजिटल माध्यम से मिलेगी।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

डिजिटल ट्रैकिंग से फर्जी लाभार्थियों और डुप्लीकेट कार्ड की पहचान आसान होगी।

रियल टाइम मॉनिटरिंग

सरकार को यह पता रहेगा कि किसे कितना राशन मिला।

शिकायतों का तेज समाधान

डिजिटल शिकायत प्रणाली के जरिए लोगों की समस्याएं जल्दी हल हो सकेंगी।

सरकार क्यों बदल रही है पूरी व्यवस्था?

दिल्ली सरकार अब राशन वितरण को पारंपरिक मॉडल से निकालकर टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम में बदलना चाहती है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आने से भ्रष्टाचार कम होगा और जरूरतमंदों तक लाभ सही तरीके से पहुंचेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में राशन कार्ड सिर्फ सस्ता अनाज लेने का साधन नहीं रहेगा, बल्कि कई सरकारी योजनाओं का मुख्य दस्तावेज बन सकता है।

किन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत?

आपको बता दें कि राशन कार्ड आवेदन के लिए सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है—

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • परिवार के सदस्यों का विवरण
  • मोबाइल नंबर

लाखों परिवारों को मिलेगी राहत

दिल्ली में लगातार बढ़ती महंगाई, किराया, बिजली-पानी और रोजमर्रा के खर्चों के बीच यह फैसला लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। खासकर वे लोग जो थोड़ा बहुत कमाने के बावजूद महंगी जिंदगी की वजह से आर्थिक दबाव झेल रहे हैं, अब सरकारी राशन योजना का लाभ उठा सकेंगे।

राजनीतिक जानकार इसे दिल्ली सरकार का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक कदम भी मान रहे हैं, क्योंकि इससे राजधानी के मध्यम और निम्न आय वर्ग में सरकार की पकड़ मजबूत हो सकती है।

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