लाइफस्टाइल : होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की खुशबू फैलने लगी है। खासकर गुझिया, पेड़ा, बर्फी और अन्य पारंपरिक मिठाइयों के लिए मावा (खोवा) की मांग अचानक बढ़ जाती है। लेकिन इसी मांग का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मिलावटी और नकली मावा बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए स्टार्च, सिंथेटिक दूध, केमिकल और यहां तक कि डिटर्जेंट जैसे खतरनाक पदार्थ मिलाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी मावा खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग और लंबे समय में पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अगर आप बाजार से मावा खरीदकर घर पर गुझिया या मिठाई बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले उसकी जांच करना बेहद जरूरी है।
क्यों बढ़ जाता है मिलावटी मावा का कारोबार?
गौरतलब है कि त्योहारों के दौरान मावा की मांग कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन शुद्ध दूध से तैयार असली मावा बनाना महंगा पड़ता है। इसी वजह से कुछ लोग सस्ते और नकली पदार्थ मिलाकर मावा तैयार करते हैं, जिससे दिखने में तो वह असली लगता है, लेकिन अंदर से पूरी तरह मिलावटी होता है। कई बार ग्राहक केवल रंग और कीमत देखकर खरीद लेते हैं और बाद में स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं।
इन 6 आसान तरीकों से करें असली और नकली मावा की पहचान
हाथ से मसलकर देखें
असली मावा मुलायम, हल्का दानेदार और चिकना महसूस होता है। अगर मावा बहुत सख्त, रबर जैसा या ज्यादा चिपचिपा लगे, तो उसमें मिलावट की संभावना हो सकती है।
स्वाद से पहचान करें
असली मावा का स्वाद हल्का मीठा और दूध जैसा होता है। अगर स्वाद कड़वा, फीका या अजीब लगे, तो उसे इस्तेमाल करने से बचें।
पानी में डालकर जांच करें
थोड़ा सा मावा पानी में डालें। असली मावा धीरे-धीरे घुलकर दूध जैसा हल्का रंग देगा। नकली मावा पानी को बहुत ज्यादा सफेद या गाढ़ा कर सकता है।
आग पर जलाकर देखें
मावा का छोटा टुकड़ा गर्म करने पर अगर दूध जैसी खुशबू आए तो वह असली है। अगर जलने पर प्लास्टिक या केमिकल जैसी बदबू आए, तो वह मिलावटी हो सकता है।
आयोडीन टेस्ट से स्टार्च की पहचान
गर्म पानी में आयोडीन की कुछ बूंदें डालकर उसमें मावा डालें। अगर मावा नीला पड़ जाए, तो उसमें स्टार्च की मिलावट है।
रंग और बनावट पर ध्यान दें
असली मावा हल्का क्रीम या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है। बहुत ज्यादा सफेद और चमकदार मावा संदिग्ध हो सकता है।
मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें खास ध्यान :
आपको बता दें कि हमेशा साफ-सुथरी और लाइसेंस प्राप्त दुकान से ही मिठाई खरीदें। बहुत सस्ती कीमत पर मिलने वाली मिठाइयों से सावधान रहें। पैक्ड मिठाई लेते समय निर्माण और एक्सपायरी डेट जरूर देखें। चांदी का वर्क बहुत मोटा या सख्त हो तो उसमें मिलावट हो सकती है। खुली और लंबे समय से रखी मिठाइयों को खरीदने से बचें।
होली में सेहत के साथ समझौता न करें। होली खुशियों और मिठास का त्योहार है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। इसलिए मावा खरीदते समय सावधानी बरतें और इस्तेमाल से पहले उसकी जांच जरूर करें। सही जानकारी और सतर्कता से ही आप अपने परिवार को सुरक्षित और त्योहार को सच में मीठा बना सकते हैं।