देहरादून : उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार नजर आ रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, और इस बार सरकार को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है। इसी को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, पंजीकरण प्रक्रिया और सुरक्षा नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। सबसे अहम फैसला यह है कि 6 मार्च 2026 से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो जाएगा, जिससे श्रद्धालु घर बैठे अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
6 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, अभी रहेगा मुफ्त
आपको बता दें कि पर्यटन विभाग के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सभी तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। 6 मार्च से आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। फिलहाल रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। भविष्य में शुल्क लगाने पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि यात्रा से पहले हर श्रद्धालु का डेटा उपलब्ध रहे, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा बेहतर हो सके। यह व्यवस्था खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए राहत होगी, जो पहले लंबी लाइनों और अव्यवस्था का सामना करते थे।
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी बनाए गए खास इंतजाम
गौरतलब है कि सभी श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते, इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ऑफलाइन पंजीकरण की भी व्यवस्था की है। यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्र खोले जाएंगे। 20 विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो यात्रा मार्ग के होटल, धर्मशाला और आश्रमों में जाकर श्रद्धालुओं की मदद करेंगी। ग्रुप में आने वाले यात्रियों को वहीं पर रजिस्ट्रेशन सुविधा दी जाएगी। इससे बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
सबसे बड़ा फैसला; मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे पूरी तरह बैन :
गौरतलब है कि इस बार प्रशासन ने एक सख्त नियम लागू किया है चारों धामों के मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस फैसले के पीछे मुख्य कारण हैं:
• मंदिर परिसर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था
• दर्शन के दौरान फोटो-वीडियो बनाने से रुकावट
• सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना
अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं को अब बिना किसी डिजिटल व्यवधान के शांतिपूर्वक दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
कब खुलेंगे चारधाम के कपाट
आपको बता दें कि चारधाम यात्रा की शुरुआत मंदिरों के कपाट खुलने के साथ होती है। इस बार संभावित तिथियां इस प्रकार हैं:
यमुनोत्री और गंगोत्री: अक्षय तृतीया (19 अप्रैल 2026) के आसपास
केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026
बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026
इन तिथियों के बाद यात्रा आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
सरकार और प्रशासन क्यों ले रहे इतने सख्त फैसले
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु आने से पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय रोजगार को बड़ा सहारा मिलता है। लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ती भीड़, सुरक्षा चुनौतियों और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ज्यादा कड़े और व्यवस्थित कदम उठाए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
यात्रा से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं
यात्रा की तिथियों और मौसम की जानकारी अपडेट रखें
मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा ले जाने से बचें
केवल अधिकृत मार्ग और निर्देशों का पालन करें
चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने बड़े बदलाव किए हैं। अब डिजिटल रजिस्ट्रेशन और सख्त नियमों के साथ यह यात्रा पहले से ज्यादा नियंत्रित और सुरक्षित रहने की उम्मीद है।