Whatsapp से लेकर UPI तक...कल से बदल रहे हैं ये 6 नियम!: रेलवे, बैंक से लेकर किराये के नियमों में...आम आदमी पर पड़ना वाला असर_एक नज़र
Whatsapp से लेकर UPI तक...कल से बदल रहे हैं ये 6 नियम!

नई दिल्ली/लाइफस्टाइल : मार्च 2026 की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रही है। हर महीने की तरह इस बार भी नियमों में अपडेट हो रहे हैं, लेकिन इस बार बदलावों का दायरा ज्यादा व्यापक है। रसोई गैस की कीमतों से लेकर मोबाइल ऐप, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग सिस्टम और ट्रेन टिकट तक; कई ऐसी चीजें बदलने जा रही हैं जिनका असर सीधे आपकी जेब और सुविधा पर पड़ेगा। अगर आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा, तो रोजमर्रा के कामों में परेशानी और अतिरिक्त खर्च दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

WhatsApp-Telegram पर सख्ती: बिना एक्टिव SIM के अकाउंट हो सकता है बंद

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सबसे बड़ा बदलाव मैसेजिंग ऐप्स से जुड़ा है। नए SIM-Binding सिस्टम के तहत अब जिस मोबाइल नंबर से आपका WhatsApp, Telegram या Signal अकाउंट बना है, वही सिम फोन में एक्टिव होना जरूरी होगा। पहले यूजर OTP डालकर लॉग-इन कर लेते थे और बाद में सिम की मौजूदगी की जांच नहीं होती थी। लेकिन नए सिस्टम में ऐप समय-समय पर यह जांच करेगा कि सिम उसी फोन में सक्रिय है या नहीं। अगर सिम बंद है, निकाल दी गई है या लंबे समय से निष्क्रिय है, तो आपका अकाउंट अस्थायी रूप से बंद या सीमित हो सकता है। सरकार का कहना है कि इससे साइबर फ्रॉड, फर्जी अकाउंट और सिम-स्वैप ठगी पर रोक लगेगी।

LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव संभव, रसोई बजट पर पड़ेगा असर

गौरतलब है कि हर महीने की तरह 1 मार्च की सुबह तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करेंगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है या डॉलर मजबूत होता है, तो गैस महंगी हो सकती है। वहीं कीमत घटने पर उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। खासकर होटल, ढाबा और छोटे व्यवसाय कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों से सीधे प्रभावित होंगे।

UPI और डिजिटल पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा, बड़े ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त जांच

विदित है कि डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ने के साथ सुरक्षा नियम भी सख्त किए जा रहे हैं। बड़े अमाउंट के UPI ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन लागू हो सकता है। अब केवल UPI PIN ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बायोमेट्रिक या अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन भी करना पड़ सकता है। इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड रोकना और यूजर्स की सुरक्षा मजबूत करना है।

बैंक खातों में मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव की तैयारी :

कुछ बैंकों में मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियमों में राहत मिलने की संभावना है। पहले एक दिन भी बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी, लेकिन अब पूरे महीने के औसत बैलेंस (Average Monthly Balance) के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है। इससे ग्राहकों को बार-बार पेनल्टी से बचने में मदद मिलेगी, खासकर उन लोगों को जिनकी आय नियमित नहीं है।

ट्रेन यात्रियों के लिए नया ऐप, पुराने सिस्टम को किया जाएगा बंद :

विदित है कि रेलवे जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और लोकल यात्रा से जुड़ी सुविधाओं के लिए पुराने UTS ऐप को हटाकर नया सिस्टम लागू कर सकता है। यात्रियों को नए ऐप पर शिफ्ट होना पड़ेगा, जिससे टिकट बुकिंग तेज और सुरक्षित होगी। लेकिन शुरुआत में ऐप अपडेट न होने पर टिकट लेने में परेशानी भी हो सकती है।

किराए के मकानों के नियम भी बदल सकते हैं :

आपको बता दें कि नए नियम के तहत रेंट एग्रीमेंट को डिजिटल रूप से रजिस्टर करना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट को सीमित करने और मकान मालिक द्वारा बिना सूचना प्रवेश रोकने जैसे प्रावधानों पर जोर दिया जा रहा है। इससे किरायेदारों और मकान मालिकों के बीच विवाद कम करने की कोशिश की जा रही है।

आम आदमी के लिए क्या करना जरूरी है :

• अपने मोबाइल में वही SIM रखें जिससे WhatsApp और अन्य ऐप चल रहे हैं
• LPG सिलेंडर की नई कीमत जरूर चेक करें
• बैंक खाते में पर्याप्त औसत बैलेंस बनाए रखें
• रेलवे के नए ऐप को समय रहते डाउनलोड करें
• बड़े डिजिटल पेमेंट करते समय अतिरिक्त वेरिफिकेशन के लिए तैयार रहें।

कुल मिलाकर 1 मार्च 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव सिर्फ नियम नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाले बड़े फैसले हैं। मोबाइल से लेकर रसोई और बैंक खाते तक; हर जगह इनका असर दिखेगा। जागरूक रहने से आप परेशानी से बच सकते हैं और अपने खर्च व सुविधा दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।

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