दिल्ली PG हादसे के बाद अब पूरी राजधानी की इमारतों की होगी सख्त जाँच!: MCD ने 3 दिन में मांगी जाँच रिपोर्ट, साथ ही अगले 10 दिन में...जानें हादसे के बाद की कार्रवाई और नए आदेश
दिल्ली PG हादसे के बाद अब पूरी राजधानी की इमारतों की होगी सख्त जाँच!

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन की दर्दनाक बिल्डिंग दुर्घटना के बाद अब नगर निगम ने पूरी दिल्ली की इमारतों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। हादसे में 7 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद MCD ने सभी जोन के अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों की इमारतों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है। अधिकारियों से 10 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राजधानी में ऐसी और भी इमारतें हैं, जो बाहर से सामान्य दिखती हैं, लेकिन अंदर से हादसे का खतरा बनी हुई हैं?

28 लाख इमारतों के सर्वे में सिर्फ 19 खतरनाक!

आपको बता दें कि MCD के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में राजधानी में 27 लाख 84 हजार 286 इमारतों का सर्वे किया गया था। हैरानी की बात यह रही कि इस सर्वे में सिर्फ 19 इमारतों को खतरनाक बताया गया था। अब सत्य निकेतन हादसे के बाद एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा जांच शुरू होने से पुराने सर्वे और उसकी प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। नई जांच में जर्जर, अवैध निर्माण और अतिरिक्त मंजिलों वाली इमारतों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

10 दिन में हाईकोर्ट को देनी होगी रिपोर्ट

गौरतलब है कि इस जांच की जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल होने वाले हलफनामे में भी शामिल की जाएगी। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और MCD से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।

हादसे के बाद मालिक समेत 3 गिरफ्तार

सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने प्रॉपर्टी की मालकिन उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति उर्मिला के नाम थी, जबकि उसका संचालन पति और बेटे के हाथ में था। कोर्ट ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत मिली है। PG संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

28 घंटे चला रेस्क्यू, 7 जिंदगी खत्म

विदित है कि सत्य निकेतन हादसे के बाद करीब 28 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन 7 लोगों की जान नहीं बच सकी। तीन घायलों की हालत गंभीर बताई गई।

MCD के 5 अधिकारी भी कार्रवाई की जद में

हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को दिया गया है।

PG हब पर सबसे ज्यादा नजर

सत्य निकेतन में करीब 300 मकान हैं, जिनमें बड़ी संख्या में PG चल रहे हैं। हादसे के बाद दिल्ली के प्रमुख PG इलाकों की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। चार मंजिल से अधिक के अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

अब जांच का असली मकसद सिर्फ हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि राजधानी में कहीं और कोई इमारत अगली बड़ी त्रासदी का इंतजार तो नहीं कर रही।

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