वृन्दावन में प्रेमानन्द महाराज के शिष्य की मौत का रहस्य गहराया!: चौथी मंजिल से गिरने की घटना के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे बड़ा खुलासा, वहीं संतो ने...जानें पुलिस जांच में सामने आये कौन से बड़े राज
वृन्दावन में प्रेमानन्द महाराज के शिष्य की मौत का रहस्य गहराया!

मथुरा/वृंदावन: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े एक युवा शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो वर्ष पहले दीक्षा लेने के बाद वृंदावन में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार वह एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले सामान और मोबाइल फोन समेत कई साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या की घटना मानकर चल रही है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है।

पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव की बात

पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘हेमोरेजिक शॉक’ बताया गया है। इसका मतलब अत्यधिक रक्तस्राव के कारण शरीर में रक्त की मात्रा इतनी कम हो जाना है कि महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। ऐसी स्थिति गंभीर और जानलेवा हो सकती है। घटना से पहले मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों की बात भी सामने आई है। कमरे से एक ग्राइंडर समेत कुछ सामान मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है। हालांकि, इन वस्तुओं का घटना से वास्तविक संबंध क्या है और चोटें किस परिस्थिति में लगीं, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस ने इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार करने की बात कही है।

CCTV और मोबाइल डेटा खंगाल रही पुलिस

आपको बता दें कि पुलिस ने अपार्टमेंट का डीवीआर और अन्य साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में मृतक के चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना दिखाई देती है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से ठीक पहले वह कहां थे, किससे बातचीत हुई थी और उस समय उनकी परिस्थितियां क्या थीं। मृतक का मोबाइल भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस डिलीट किए गए डेटा, चैट और कॉल से जुड़ी जानकारी की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

परिवार ने लगाए मुलाकात न होने के आरोप

गौरतलब है कि घटना के बाद मृतक के परिजन वृंदावन पहुंचे। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि दीक्षा लेने के बाद उन्हें दीपक से आसानी से मुलाकात नहीं हो पाती थी। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी है। पुलिस का कहना है कि परिवार की शिकायत और लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। दीपक के परिजनों के अनुसार उनका झुकाव आध्यात्म की ओर था। वह जबलपुर से वृंदावन आए थे और दीक्षा के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया था। आश्रम से जुड़े लोगों के अनुसार वह बिजली के काम में भी दक्ष थे और इसी तरह की सेवा से जुड़े हुए थे।

संत समाज में भी उठी उच्चस्तरीय जांच की मांग

घटना के बाद वृंदावन के कुछ साधु-संतों ने बैठक कर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संतों ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कही है। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

कई सवालों के जवाब अभी बाकी

आपको बता दें कि इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ, कमरे से मिले सामान की भूमिका क्या थी और उनके मोबाइल में ऐसी कौन-सी जानकारी है जो मामले की दिशा स्पष्ट कर सकती है—इन सवालों के जवाब फोरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई से सामने आ सकते हैं।

फिलहाल पुलिस ने लोगों से किसी भी तरह के अनुमान या अपुष्ट दावे से बचने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रसिक दुलारी शरण की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

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