कैंची धाम की तर्ज पर होगा यूपी स्थित बाबा नीम करौली की जन्मस्थली का विकास!: 87 बीघा जमीन पर बनेगा भव्य कॉरिडोर, वही फिरोजाबाद से वृन्दावन तक...जानिए क्या है सरकार का मेगाप्लान?
कैंची धाम की तर्ज पर होगा यूपी स्थित बाबा नीम करौली की जन्मस्थली का विकास!

लखनऊ/फिरोजाबाद: नीम करौली बाबा के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में अब बाबा से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सबसे ज्यादा चर्चा बाबा की जन्मस्थली फिरोजाबाद की है, जिसे कैंची धाम की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए करीब 87.5 बीघा जमीन चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है। इस पूरी योजना में फिरोजाबाद की जन्मस्थली, फर्रुखाबाद की तपोस्थली, लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर और वृंदावन का समाधि स्थल शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

जन्मस्थली पर बनेगा भव्य कॉरिडोर

आपको बता दें कि फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में स्थित बाबा की जन्मस्थली को इस परियोजना का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है। प्रस्तावित योजना के तहत यहां भव्य प्रवेश द्वार, डिजिटल म्यूजियम, सभा स्थल और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भंडारा स्थल, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर तथा ध्यान और वेलनेस सेंटर बनाने की भी योजना बताई गई है। जमीन से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने और शासन से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की तैयारी है। बताया गया है कि जमीन के लिए नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। स्थानीय स्तर पर संबंधित लोगों से सहमति और एनओसी लिए जाने की बात भी सामने आई है।

फर्रुखाबाद में तपोस्थली का भी होगा कायाकल्प

गौरतलब है कि बाबा नीम करौली से जुड़ा दूसरा महत्वपूर्ण स्थान फर्रुखाबाद का नीब करौरी गांव है। माना जाता है कि बाबा ने यहां लंबे समय तक साधना की थी और इसी स्थान के नाम से उनका नाम नीम करौली बाबा प्रसिद्ध हुआ। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां करीब 5 एकड़ क्षेत्र में जलकुंड विकसित करने की योजना है। सड़कों को बेहतर करने, अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की व्यवस्था करने के साथ बच्चों और माताओं के लिए चाइल्ड केयर सुविधा विकसित करने की भी योजना बताई गई है।

वृंदावन में समाधि स्थल को मिलेगी नई सुविधाएं

विदित है कि बाबा नीम करौली की अंतिम प्रमुख स्मृति वृंदावन से जुड़ी है। यहां उनके समाधि स्थल और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने की तैयारी है। सड़क, श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर के विकास पर भी काम किए जाने की योजना है।

लखनऊ से शुरू होगा ‘बाबा सर्किट’

लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर भी प्रस्तावित ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग से जुड़े गाइडेड टूर यहीं से शुरू करने की योजना बताई गई है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। इस सर्किट में फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, लखनऊ और वृंदावन को जोड़ा जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से अलग-अलग अवधि के टूर पैकेज उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है।

फिल्म के बाद बढ़ी बाबा को लेकर दिलचस्पी

गौरतलब है कि नीम करौली बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद बाबा से जुड़े स्थानों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की चर्चा है। हालांकि फिल्म की कमाई और श्रद्धालुओं की संख्या से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्रोतों से की जानी बाकी है।

नीम करौली बाबा का जन्म वर्ष 1900 में फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनका बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा बताया जाता है। बाबा को हनुमान भक्ति और सेवा के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। अब उनके जीवन से जुड़े उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्थानों को एक साथ जोड़कर विकसित करने की योजना से धार्मिक पर्यटन को नया रूप मिलने की उम्मीद है।

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