कैंची धाम’ ही नहीं, इन पवित्र स्थानों से भी है नीम करौली बाबा का गहरा नाता!: तपोभूमि से महासमाधि स्थल तक...जानिए देशभर में मौजूद बाबा के 5 प्रमुख आश्रम
कैंची धाम’ ही नहीं, इन पवित्र स्थानों से भी है नीम करौली बाबा का गहरा नाता!

धर्म : नीम करौली बाबा का नाम आते ही सबसे पहले उत्तराखंड का प्रसिद्ध कैंची धाम याद आता है। नैनीताल के पास स्थित यह आश्रम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है। लेकिन बाबा से जुड़े आध्यात्मिक स्थलों की कहानी सिर्फ कैंची धाम तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश से लेकर गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक कई ऐसे स्थान हैं, जिनका संबंध उनके जीवन, साधना और हनुमान भक्ति से बताया जाता है। नीम करौली बाबा, जिन्हें भक्त अक्सर महाराज जी के नाम से संबोधित करते हैं, ने अपना जीवन साधना और सेवा में लगाया। उनके अनुयायियों के बीच उनके जीवन से जुड़ी अनेक आध्यात्मिक कथाएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं बाबा से जुड़े पांच प्रमुख स्थानों के बारे में।

1. नीब करौरी गांव और साधना गुफा, फर्रुखाबाद

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में स्थित नीब करौरी गांव को बाबा के शुरुआती जीवन और साधना से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इसी क्षेत्र में उन्होंने लंबे समय तक साधना की थी और इसी स्थान के नाम से उनका प्रसिद्ध नाम ‘नीब करौरी बाबा’ पड़ा। यहां बाबा से जुड़ी साधना गुफा और हनुमान मंदिर का उल्लेख मिलता है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान बाबा की शुरुआती आध्यात्मिक यात्रा को समझने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

2. वृंदावन आश्रम—जहां ली समाधि

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश का वृंदावन नीम करौली बाबा के जीवन से बेहद महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है। बाबा ने अपने जीवन के अंतिम समय का काफी हिस्सा यहां बिताया। 11 सितंबर 1973 को बाबा ने वृंदावन में महासमाधि ली। यहां स्थित आश्रम में उनकी समाधि है, जहां वर्षभर श्रद्धालु पहुंचते हैं। कैंची धाम के साथ वृंदावन को भी बाबा के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में गिना जाता है।

3. बबनिया हनुमान मंदिर, गुजरात

गुजरात के मोरबी क्षेत्र के पास स्थित बबनिया गांव भी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ा बताया जाता है। मान्यता के अनुसार बाबा ने अपनी साधना के शुरुआती दौर में यहां समय बिताया था और हनुमान मंदिर के निर्माण से भी उनका संबंध बताया जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच यह मंदिर आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और बाबा के अनुयायी यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

4. हनुमानगढ़, नैनीताल

विदित है कि नैनीताल के पास स्थित हनुमानगढ़ मंदिर नीम करौली बाबा से जुड़े सबसे प्रसिद्ध स्थलों में शामिल है। मनोरा पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए भी जाना जाता है। बाबा ने 1950 के दशक में यहां हनुमान मंदिर की स्थापना से जुड़े कार्य किए थे। मंदिर परिसर में हनुमान जी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

5. संकट मोचन हनुमान मंदिर, शिमला

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर भी बाबा से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थली मानी जाती है। शिमला की पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। बताया जाता है कि मंदिर की स्थापना की पहल बाबा से जुड़ी रही और 1960 के दशक में इसके विकास की नींव पड़ी। आज यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन करने पहुंचते हैं।

कैंची धाम से आगे भी है बाबा की आध्यात्मिक यात्रा

नीम करौली बाबा की पहचान सिर्फ कैंची धाम तक सीमित नहीं है। नीब करौरी की साधना भूमि, वृंदावन की समाधि, गुजरात का बबनिया, नैनीताल का हनुमानगढ़ और शिमला का संकट मोचन मंदिर—ये सभी स्थान उनके जीवन और हनुमान भक्ति से अलग-अलग रूपों में जुड़े बताए जाते हैं।

इन स्थानों पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बाबा के जीवन और उनकी साधना से जुड़े अध्यायों को करीब से जानने का अवसर भी होता है।

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