2026 में इस दिन से शुरू होगा हिन्दू नववर्ष!: बृहस्पति-मंगल का महायोग खोलेगा समृद्धि के द्वार, वही ज्योतिषियों के अनुसार इस साल...जानें हिन्दू नववर्ष का धार्मिक रहस्य, महत्व और शुरू होने की सही तिथि?
2026 में इस दिन से शुरू होगा हिन्दू नववर्ष!

धर्म/ज्योतिष: 1 जनवरी को भले ही पूरा देश नया अंग्रेजी साल मना ले, लेकिन सनातन परंपरा में असली नववर्ष की शुरुआत उस दिन होती है, जब ब्रह्मांड की ऊर्जा नई दिशा लेती है। और साल 2026 का हिंदू नववर्ष 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रहा है। एक ऐसा दिन जो ग्रहों, नक्षत्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अत्यंत शुभ माना गया है।
इस दिन विक्रम संवत 2083 का आरंभ होगा, जिसे ज्योतिषीय गणना में ‘सिद्धार्थ / रौद्र संवत’ कहा गया है।

19 मार्च 2026: क्यों कहा जा रहा है ‘परिवर्तन का महासंयोग’?

  1. गुरुवार को नववर्ष; शुरुआत ही शुभ

आपको बता दें कि गुरुवार का स्वामी बृहस्पति है, जो ज्ञान, समृद्धि और धर्म का कारक माना जाता है।

  1. राजा-मंत्री का शक्तिशाली संयोग

राजा ग्रह: बृहस्पति
मंत्री ग्रह: मंगल

यह संयोग संकेत देता है कि नए संवत्सर में व्यापार में तेजी, शिक्षा में सुधार, धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि और सामाजिक स्थिरता देखने को मिल सकती है।

हिंदू नववर्ष का धार्मिक रहस्य; क्यों यहीं से शुरू होती है ‘सृष्टि’?

गौरतलब है कि ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसलिए इस तिथि को “नव-सृजन का प्रतीक” माना जाता है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि आरंभ होता है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की साधना का पावन समय।
भारत भर में यह दिन अलग-अलग नामों से मनाया जाता है-

  • गुड़ी पड़वा – महाराष्ट्र

  • युगादि – कर्नाटक, आंध्र प्रदेश

  • चेटीचंद – सिंधी समाज

  • नव संवत्सर – उत्तर भारत

हर जगह इसका रंग, परंपरा और भव्यता अलग होती है।

हिंदू नववर्ष पर क्या करना चाहिए?

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें

  • घर में दीप जलाकर भगवान की पूजा करें

  • परिवार के लिए समृद्धि की कामना करें

  • जरूरतमंदों को अन्न, कपड़ा, धन का दान

  • घर में शांति और सकारात्मकता बनाए रखें

यह माना जाता है कि जिस तरह साल की शुरुआत होती है, पूरा वर्ष उसी तरह बीतता है।

किन चीज़ों से बचना चाहिए?

गौरतलब है कि इस महीन में तामसिक भोजन, कटु वाणी, झगड़ा या वाद-विवाद, घर में गंदगी या अव्यवस्था और नकारात्मक विचार और तनाव से दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि खराब शुरुआत पूरे संवत्सर की ऊर्जा को प्रभावित करती है।

2026 का नववर्ष इसलिए भी खास है क्योंकि शुभ ग्रह संयोग, दैविक ऊर्जा का परिवर्तन, नवरात्रि के साथ शुभारंभ, सामाजिक–धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण और विक्रम संवत 2083 का आगमन सब शुभ चीजें एक साथ हो रही हैं। 19 मार्च 2026 सिर्फ एक तारीख नहीं यह नए अध्याय, नए संकल्प और नई सकारात्मक ऊर्जा की शुरुआत है।

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