रामनगरी अयोध्या में नॉनवेज पर सख्ती का ऐलान!: राम मंदिर के आसपास अब नॉनवेज पूरी तरह बैन, ऑनलाइन डिलीवरी पर भी रोक, नियम तोड़ने पर...जानें क्या हैं नए नियम?
रामनगरी अयोध्या में नॉनवेज पर सख्ती का ऐलान!

अयोध्या : रामलला की नगरी में अब नियमों की लक्ष्मण रेखा और कड़ी कर दी गई है। राम मंदिर और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग की पूरी परिधि में नॉनवेज खाद्य पदार्थों की बिक्री और डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। खास बात यह है कि अब यह रोक सिर्फ होटल, ढाबे या दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी सख्ती से लागू होगी।

ऑनलाइन ऑर्डर भी अब गैरकानूनी :

प्रशासन के मुताबिक, शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पर्यटकों को ऑनलाइन माध्यम से नॉनवेज मंगाकर परोस रहे थे। इसी को देखते हुए अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में नॉनवेज की बिक्री, परोसने और डिलीवरी तीनों पर पूरी तरह प्रतिबंधित होंगी। सभी होटल संचालकों, दुकानदारों, गेस्ट हाउस, होम-स्टे और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को लिखित आदेश से अवगत करा दिया गया है।

नियम तोड़ा तो सीधी कार्रवाई :

गौरतलब है कि सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा है कि आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा, क्षेत्र में नियमित मॉनीटरिंग होगी। साथ ही उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है। प्रशासन का साफ संदेश है कि रामनगरी में आस्था के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा।

अब रामलला के भोग प्रसाद पर भी होगी सख्त जांच :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर से जुड़ा एक और अहम फैसला सामने आया है। अब रामलला को अर्पित होने वाले भोग प्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। इस फैसले को
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के महासचिव चंपत राय की स्वीकृति मिल चुकी है।

दिल्ली से आएगी स्पेशल फूड सेफ्टी टीम :

आपको बता दें कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार फरवरी में दिल्ली से विशेष फूड सेफ्टी टीम अयोध्या पहुंचेगी और भोग प्रसाद में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, पकाने की प्रक्रिया, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच होगी। जांच पूरी होने के बाद रामलला के भोग प्रसाद को फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट का आधिकारिक सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

भंडारियों (रसोइयों) की भी होगी मेडिकल जांच :

गौरतलब है कि सिर्फ प्रसाद ही नहीं, बल्कि उसे तैयार करने वाले भंडारियों पर भी नजर होगी। टीबी, स्किन डिजीज जैसी संक्रामक बीमारियों की जांच होगी और पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही सेवा की अनुमति मिलेगी। प्रशासन का मकसद साफ है कि रामलला को अर्पित होने वाला हर कण शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप हो।

यह नियम आस्था, अनुशासन और शुद्धता का संदेश है। रामनगरी अयोध्या में यह फैसले सिर्फ प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि एकआस्था आधारित संदेश हैं।
नॉनवेज पर पूरी रोक और भोग प्रसाद की सख्त जांच दोनों यह दिखाते हैं कि राम मंदिर क्षेत्र में पवित्रता सर्वोपरि है नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई ढील नहीं आने वाले दिनों में अयोध्या सिर्फ श्रद्धा का नहीं, बल्कि अनुशासन और शुद्धता का भी मॉडल बनती नजर आएगी।

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