लखनऊ/नोएडा : उत्तर प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को लेकर योगी सरकार अब सबसे बड़ा मास्टर प्लान तैयार कर रही है। आने वाले समय में यमुना एक्सप्रेसवे सिर्फ आगरा और नोएडा को जोड़ने वाला रास्ता नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन बनने जा रहा है।
इन 5 एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा यमुना एक्सप्रेसवे :
आपको बता दें कि सरकार की नई योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे को प्रदेश के पांच बड़े एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा जाएगा। इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इस मेगा कनेक्टिविटी प्लान के बाद यूपी का लगभग हर बड़ा शहर हाई-स्पीड रोड नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
नोएडा से पूरे यूपी तक बनेगा सुपर कनेक्शन
गौरतलब है कि इस योजना का सबसे बड़ा फायदा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को मिलने वाला है। सरकार का दावा है कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार होने के बाद दिल्ली-NCR से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक सफर पहले से कहीं आसान और तेज हो जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने समीक्षा बैठक में कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे को देश के सबसे बड़े रोड नेटवर्क में बदलने की तैयारी चल रही है। इसके जरिए उद्योग, लॉजिस्टिक्स, निवेश और पर्यटन को बड़ा फायदा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा
विदित है कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 37 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। यह 8 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा, जो हापुड़ तक सीधे एक्सप्रेसवे लिंक उपलब्ध कराएगा। इसके बनने से यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में केवल 30 से 45 मिनट का समय लगेगा।
अधिकारियों का कहना है कि इससे—
जेवर एयरपोर्ट बनेगा ‘ग्लोबल कार्गो हब’
गौरतलब है कि सरकार का सबसे बड़ा फोकस अब जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब बनाने पर है। मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि जैसे ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होगा, पूरा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र वैश्विक कार्गो हब में बदल जाएगा।
योजना के अनुसार—
इससे निर्यात, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भारी निवेश आने की उम्मीद है।
हाथरस में बनेगी नई हाईटेक अर्बन सिटी
गौरतलब है कि बैठक में यह भी खुलासा हुआ कि यमुना एक्सप्रेसवे विस्तार योजना के तहत हाथरस के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। टप्पल-बाजना क्षेत्र की करीब 4700 एकड़ जमीन पर आधुनिक अर्बन सिटी विकसित की जाएगी। यहां हाईटेक टाउनशिप, इंडस्ट्रियल जोन, कमर्शियल सेंटर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। सरकार का लक्ष्य है कि यमुना एक्सप्रेसवे का विस्तार आगे हाथरस होते हुए सीधे आगरा तक और मजबूत तरीके से किया जाए।
यूपी बनेगा देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे राज्य
विदित है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे नेटवर्क के मामले में देश के सबसे तेजी से विकसित राज्यों में शामिल हुआ है। अब सरकार की कोशिश है कि सभी बड़े एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर ऐसा रोड नेटवर्क तैयार किया जाए, जहां राज्य के किसी भी हिस्से तक हाई-स्पीड यात्रा संभव हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे—
• रोजगार बढ़ेगा
बदल जाएगा पश्चिमी यूपी का नक्शा
यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इंटरलिंक होने के बाद पश्चिमी यूपी का पूरा नक्शा बदलने की उम्मीद है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, हाथरस और आगरा जैसे शहर आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्र बन सकते हैं।
सरकार की इस मेगा योजना को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी मिशन माना जा रहा है।