योगी सरकार ने पेश किया ₹9.12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट!: महिलाओं को शादी में अब ₹1 लाख की मदद, मेधावी छात्राओं को स्कूटी, वहीं किसानों को...जानें बजट में इस बार क्या रहा खास_एक नजर
योगी सरकार ने पेश किया ₹9.12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट!

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे बड़ा 9,12,696 करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पेश इस बजट को सरकार ने रोजगार, महिला सुरक्षा, किसान राहत और टेक्नोलॉजी आधारित विकास का रोडमैप बताया है। पिछले साल की तुलना में बजट करीब 12.9% बड़ा है यानी सरकार साफ संकेत दे रही है कि अगला दौर वेलफेयर, टेक्नोलॉजी के साथ रोजगार मॉडल का होगा।

बजट का आकार और आर्थिक तस्वीर :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने दावा किया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है।

●बजट आकार: ₹9.12 लाख करोड़ (रिकॉर्ड)

●प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (दोगुनी के करीब वृद्धि)

लक्ष्य: ₹1.20 लाख तक पहुंचाना

बेरोजगारी दर: 2.24%

जीएसडीपी वृद्धि: 13.4%

यूपी देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है। सरकार का संदेश साफ है कि यूपी अब कृषि राज्य से इंडस्ट्रियल और टेक इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।

युवाओं पर बड़ा फोकस; नौकरी, AI, स्टार्टअप सब साथ :

गौरतलब है कि इस बजट की सबसे बड़ी धुरी रोजगार और स्किल है।

नई योजनाएं

टेक युवा-समर्थ युवा योजना, AI मिशन, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप, हर साल 1 लाख माइक्रो उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य

भर्ती और रोजगार

2.19 लाख पुलिस भर्तियां पूरी हुई, 83 हजार पदों पर भर्ती जारी, 1.5 लाख नई सरकारी नौकरियां आएगी। निवेश से 10 लाख रोजगार संभावित है।

युवाओं को सीधे लाभ

गौरतलब है कि इस वर्ष 50 लाख टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित हुए, बिना ब्याज लोन योजना लाना और बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। मतलब डिग्री नहीं, स्किल आधारित रोजगार मॉडल अपनाया जाएगा।

किसानों के लिए बड़ी राहत :

आपको बता दें कि सरकार ने साफ किया कि कृषि लाभकारी बनेगी। नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली जारी होगी। गन्ना भुगतान ₹3.04 लाख करोड़ का होगा। गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी होगी। 3.12 करोड़ किसानों को ₹94,668 करोड़ DBT के माध्यम से दिए जाएँगें। साथ ही एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित होंगे। यानी सीधे कैश, लागत कम के साथ आय बढ़ाने की रणनीति लागू की गई है।

महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा :

विदित है कि बजट में महिला वोट बैंक पर खास जोर दिखा। लड़कियों की शादी के लिए ₹1 लाख सहायता देने का ऐलान हुआ। मेधावी छात्राओं को स्कूटी के लिये ₹400 करोड़ सहित सुमंगला योजना के तहत 26.81 लाख लाभार्थी को लाभ मिलेगा। सेफ सिटी बनाने के लिए CCTV व एंटी रोमियो स्क्वायड एक्टिव किया जाएगा। वर्किंग वूमेन हॉस्टल और दुग्ध उत्पादन में महिला कंपनियां को बढ़ावा मिलेगा। सुरक्षा व स्वावलंबन के डबल अप्रोच के साथ प्रदेश आगे बढ़ेगा।

टेक्नोलॉजी और भविष्य की अर्थव्यवस्था :

गौरतलब है कि सरकार यूपी को डेटा-इकोनॉमी बनाना चाहती है। इसके लिए स्टेट डेटा अथॉरिटी, डेटा सेंटर क्लस्टर, उभरती टेक्नोलॉजी मिशन, सिटी इकोनॉमिक रीजन के साथ उद्योग लाइसेंसिंग आसान बनाने पर काम किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य राज्य को मैन्युफैक्चरिंग व डिजिटल स्टेट बनाना है।

पर्यटन, संस्कृति और पंचायत :

आपको बता दें कि धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करोड़ों का बजट दिया गया है। पंचायती राज योजनाओं में 67% वृद्धि की गई है। गांव-स्तर विकास और स्थानीय रोजगार पर जोर दिया जा रहा है।

बजट का राजनीतिक और आर्थिक संदेश :

गौरतलब है कि यह सिर्फ बजट नहीं, विकास मॉडल का घोषणा पत्र दिखता है। युवा के लिए नौकरी व स्टार्टअप; किसान के लिए आय और राहत; महिला के लिए सुरक्षा और सहायता वहीं उद्योग के लिए निवेश और डेटा इकोनॉमी, बजट में सबकी जरूरतों का ख्याल रखा गया है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब यूपी कल्याणकारी योजनाओं से आगे बढ़कर आर्थिक शक्ति बनने की तैयारी में है।

उत्तरप्रदेश सरकार का यह बजट रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा का मिश्रण है, जो आने वाले वर्षों में यूपी की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों की दिशा तय कर सकता है।

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