लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से महंगे बिजली कनेक्शन की शिकायत कर रहे लोगों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) ने नई कॉस्ट डाटा बुक लागू कर दी है, जिसके बाद नए बिजली कनेक्शन की लागत में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है। इसका सीधा फायदा आम घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे दुकानदारों, निर्माणाधीन मकानों और नए व्यवसाय शुरू करने वालों को मिलेगा।
कनेक्शन लागत में ऐतिहासिक कटौती :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब एक और दो किलोवाट के बिजली कनेक्शन के लिए लोगों को जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। पहले जहां इन कनेक्शनों की कुल लागत करीब 6400 रुपये तक पहुंच जाती थी, वहीं अब यह घटकर सिर्फ 3198 रुपये रह गई है। यानी करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा की सीधी कटौती, जिसे उपभोक्ता हित में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
स्मार्ट मीटर भी हुए सस्ते :
गौरतलब है कि नई व्यवस्था में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भी भारी कमी की गई है-
●सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर: ₹2800
●थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर: ₹4100
इसके साथ लाइन चार्ज अलग से तय किए गए हैं-
●सिंगल फेज लाइन चार्ज: ₹398
●थ्री फेज लाइन चार्ज: ₹2236
हालांकि, केबल का खर्च उपभोक्ता को अलग से वहन करना होगा।
तुलना करने पर कितना बदलाव :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिंगल फेज स्मार्ट मीटर के लिए ₹6016 और थ्री फेज स्मार्ट मीटर के लिए ₹11,341 तक वसूले जाते थे। नई दरों से साफ है कि अब बिजली कनेक्शन लेना पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गया है।
अब नहीं देनी होगी सिक्योरिटी मनी :
विदित है कि कॉस्ट डाटा बुक की सबसे बड़ी राहत यह है कि अब नए कनेक्शन पर सिक्योरिटी धनराशि नहीं ली जाएगी। यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए बेहद अहम है, जिनके लिए एकमुश्त बड़ी रकम देना मुश्किल होता था।
पुराने उपभोक्ताओं को मिल सकता है रिफंड :
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के मुताबिक, 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच करीब 3.59 लाख नए कनेक्शन लिए गए थे। अगर पुराने रेट के हिसाब से हुई अधिक वसूली का समायोजन किया जाता है, तो करीब 116 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को वापस लौटाने पड़ सकते हैं। परिषद की मांग है कि पावर कारपोरेशन अपने सॉफ्टवेयर सिस्टम के जरिए यह राशि ऑटोमैटिक एडजस्ट करे, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अविकसित कॉलोनियों को भी चाहिए राहत :
गौरतलब है कि उपभोक्ता संगठनों ने यह मांग भी उठाई है कि 150 किलोवाट तक और 300 मीटर दूरी तक कनेक्शन पर एस्टीमेट खत्म करने की सुविधा अविकसित कॉलोनियों में भी लागू की जाए। इस मुद्दे को लेकर नियामक आयोग में प्रस्ताव देने की तैयारी चल रही है।
नई कॉस्ट डाटा बुक के लागू होने से यूपी में बिजली कनेक्शन अब लक्जरी नहीं, जरूरत के हिसाब से सुलभ सेवा बनता जा रहा है। कम लागत, स्मार्ट मीटर, सिक्योरिटी मनी से राहत और संभावित रिफंड; ये सभी बदलाव साफ संकेत हैं कि आने वाले समय में बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होंगी।