योगी सरकार ने दी छात्रों और आम जनता को बड़ी राहत!: परिवार में सम्पत्ति दान अब केवल 5000 रुपये...वही इस विश्विद्यालय की मान्यता रद्द तो अस्पताल संबंधी...योगी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले_एक नज़र
योगी सरकार ने दी छात्रों और आम जनता को बड़ी राहत!

लखनऊ: नए साल की शुरुआत में ही योगी सरकार ने एक के बाद एक ऐसे फैसले किए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता, युवाओं, निवेशकों और शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। यह बैठक प्रदेश की प्रशासनिक और नीतिगत दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। सरकार का यह कदम नए साल के तोहफे की तरह है।

रोजगार और शिक्षा पर रहा फोकस :

गौरतलब है कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि फैसलों का फोकस विकास, रोजगार, पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन और शिक्षा में पारदर्शिता पर रहा। वहीं स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने इसे आम आदमी को राहत देने वाला निर्णय बताया।

परिवार में संपत्ति दान अब सिर्फ ₹5000 में :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैबिनेट का सबसे बड़ा और जनहित से जुड़ा फैसला स्टांप शुल्क को लेकर आया है। अब ब्लड रिलेशन (परिवार के सदस्य) को कोई भी संपत्ति कृषि, आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और दान (Gift Deed) करने पर अधिकतम स्टांप शुल्क सिर्फ ₹5000 लगेगा। पहले इस पर भारी शुल्क देना पड़ता था, जिससे लोग कानूनी प्रक्रिया से बचते थे। सरकार का मानना है कि इससे पारिवारिक संपत्ति विवाद घटेंगे और रजिस्ट्री सिस्टम पारदर्शी होगा।

कुशीनगर और झांसी में नए स्टांप कार्यालय :

गौरतलब है कि स्टांप एवं पंजीयन विभाग से जुड़े दो और प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके तहत कुशीनगर और झांसी में नए स्टांप कार्यालय बनाए जाएंगे। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज होगी और ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी

निवेश और रोजगार को बूस्ट: GCC नीति की SOP पास :

आपको बता दें कि उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि Global Capacity Center (GCC) नीति 2024 की SOP को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत वित्त वर्ष में 21 इंडस्ट्री कंपनियों का निर्माण/संचालन 10,000 से ज्यादा युवाओं को रोजगार और यूपी को ग्लोबल सर्विस और टेक हब बनाने की तैयारी है। यह फैसला निवेशकों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है।

फर्जी डिग्री पर जीरो टॉलरेंस: JS विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द -

कैबिनेट का सबसे सख्त और चौंकाने वाला फैसला शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा रहा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि JS विश्वविद्यालय (शिकोहाबाद) की मान्यता तुरंत समाप्त कर दी गई है। इसका कारण:

फर्जी मार्कशीट और डिग्री का मामला
जांच में सहयोग न करना
डीएम फिरोजाबाद और आर्थिक अपराध शाखा की रिपोर्ट रही

अब:
छात्रों की डिग्री और प्रमाणपत्रों का सत्यापन डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय करेगा इससे छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने का दावा है।

पीलीभीत में बस स्टेशन :

गौरतलब है कि सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में अगले 2 साल के अंदर पीलीभीत में बस स्टेशन के निर्माण की मंजूरी दी है।

बनारस में 500 बेड का स्पेशल अस्पताल :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि योगी कैबिनेट की महत्वपूर्ण निर्णयों में वाराणसी में 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी शामिल रहा।

सरकार का साफ संदेश :

इन फैसलों के जरिए योगी सरकार ने तीन बड़े संकेत दिए हैं:

  1. आम जनता को कानूनी और आर्थिक राहत

  2. निवेश और रोजगार को आक्रामक बढ़ावा

  3. शिक्षा में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई

सब मिलाकर योगी कैबिनेट की यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि नीतिगत टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। संपत्ति दान सस्ता हुआ, उद्योगों का रास्ता खुला, और फर्जी डिग्री वालों पर गाज गिर गई यानी नए साल में यूपी के लिए बड़ा प्रशासनिक संदेश साफ है कि राहत भी, सख्ती भी और विकास भी सब पूरी रफ्तार से हो।

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