लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला लेते हुए बुजुर्ग महिलाओं के लिए ऐसी सौगात का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर करोड़ों लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा देने के फैसले की हो रही है। सरकार ने इसके लिए ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश की एक करोड़ से ज्यादा बुजुर्ग महिलाओं को लाभ मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले आए इस फैसले को महिलाओं के लिए सरकार की बड़ी सौगात माना जा रहा है।
60 साल की उम्र पार करते ही मुफ्त सफर
आपको बता दें कि नई व्यवस्था के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। सफर के दौरान उम्र की पुष्टि के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज दिखाने होंगे। सरकार के अनुमान के मुताबिक रोजाना करीब 88 हजार महिलाएं इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकती हैं। योजना पर हर महीने लगभग 22.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यानी अब प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को बस किराए की चिंता किए बिना प्रदेश के भीतर यात्रा करने की सुविधा मिलेगी।
250 इलेक्ट्रिक बसों की भी खरीद
गौरतलब है कि कैबिनेट ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में भी बड़ा फैसला किया है। यूपी रोडवेज के बेड़े में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी। इन बसों की खरीद पर करीब 425 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 42 और 52 सीटों वाली बसें शामिल होंगी। सरकार का दावा है कि इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे अब हरिद्वार तक पहुंचेगा
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस विस्तार पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। बिजनौर से हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे का विस्तार किया जाएगा। इससे पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ प्रयागराज और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के बीच तेज सड़क संपर्क विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी गई है।
युवाओं के लिए 25 लाख मुफ्त टैबलेट
विदित है कि कैबिनेट के फैसलों में युवाओं को लेकर भी बड़ा ऐलान हुआ है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत प्रदेश के युवाओं के लिए 25 लाख मुफ्त टैबलेट खरीदे जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को तकनीक से जोड़ना और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है।
सुल्तानपुर में बनेगा बड़ा औद्योगिक क्लस्टर
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित करने को भी मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर करीब 272.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
माता-पिता की उपेक्षा करने वालों पर भी सख्ती
आपको बता दें कि कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता के संरक्षण से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला भी किया है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई को आसान बनाने की तैयारी है, जहां संतान अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करती। शिकायत के लिए टोल-फ्री व्यवस्था और संपत्ति से बेदखली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने की बात कही गई है। आदेश के बाद भी संपत्ति खाली नहीं करने की स्थिति में जिला प्रशासन को कार्रवाई का अधिकार होगा।
छात्रों को छात्रवृत्ति का एक और मौका
वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने से वंचित रह गए करीब 3.16 लाख छात्र-छात्राओं को एक और अवसर देने का फैसला हुआ है। इस पर करीब 591 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
JPNIC की 30 साल की लीज को मंजूरी
लखनऊ के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी क्षेत्र को देने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई है। प्रस्ताव के मुताबिक इसे 30 साल की लीज पर दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके बदले एलडीए को करीब 831 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई है।
24 फैसलों से चुनावी साल में बड़ा संदेश
योगी कैबिनेट के इन फैसलों में बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा, युवाओं को टैबलेट, इलेक्ट्रिक बसें, एक्सप्रेसवे विस्तार, औद्योगिक क्लस्टर और छात्रवृत्ति जैसे मुद्दे शामिल हैं। ऐसे में चुनावी साल में लिए गए इन फैसलों को सरकार की ओर से महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विकास; चारों मोर्चों पर बड़ा दांव माना जा रहा है।