लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब जन्म प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, घर-जमीन का दाखिल-खारिज और नगर निगम से जुड़े कई जरूरी कामों के लिए हफ्तों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। योगी सरकार ने प्रदेश में नागरिक सेवाओं को तेज और आसान बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी नगर निगमों में अब ‘वन डे गवर्नेंस सेंटर’ स्थापित किए जाएंगे, जहां आम लोगों के कई जरूरी काम एक ही दिन में निपटाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि सामान्य मामलों में नागरिकों को महज 30 मिनट के भीतर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
योगी सरकार का नया मिशन: “एक दिन में समाधान”
आपको बता दें कि नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस नई व्यवस्था की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलताओं से राहत देना है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में वन डे गवर्नेंस सेंटर की शुरुआत हो चुकी है, जबकि प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी इसे जल्द शुरू करने की तैयारी चल रही है। आगे चलकर यह मॉडल प्रदेश के सभी नगर निगमों में लागू किया जाएगा।
गुजरात मॉडल पर चलेगा यूपी
गौरतलब है कि ए.के. शर्मा ने बताया कि यह व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात में लागू किए गए ‘वन डे गवर्नेंस मॉडल’ से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी नागरिक को जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई दिनों या महीनों तक इंतजार न करना पड़े। यदि मामला सामान्य है तो आधे घंटे के भीतर काम पूरा किया जाएगा। यदि मामला थोड़ा जटिल है, तो उसी दिन जांच पूरी कर प्रमाणपत्र जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
किन सेवाओं का मिलेगा लाभ?
वन डे गवर्नेंस सेंटर के माध्यम से लोगों को कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इनमें प्रमुख रूप से—
जन्म प्रमाणपत्र
मृत्यु प्रमाणपत्र
घर और जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज संबंधी कार्य
नगर निगम की विभिन्न नागरिक सेवाएं
प्रमाणपत्र सत्यापन और अन्य जरूरी दस्तावेजी सेवाएं
शामिल किए जाने की योजना है।
बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा
आपको बता दें कि नई व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
सरकार के अनुसार सेंटर में—
आरामदायक प्रतीक्षालय
बैठने की विशेष व्यवस्था
पेयजल और चाय जैसी सुविधाएं
सहायता डेस्क
उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी न हो।
ऑनलाइन सेवा नहीं जानते? फिर भी होगा काम
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी जो ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं या डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करते हैं। ऐसे लोग सीधे सेंटर पर जाकर अपना काम उसी दिन पूरा करा सकेंगे।
स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट प्रशासन
गौरतलब है कि योगी सरकार अब केवल स्मार्ट सिटी बनाने पर ही नहीं, बल्कि स्मार्ट प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दे रही है। सरकार का मानना है कि जब शहर आधुनिक हो रहे हैं तो नागरिक सेवाओं का भी उतना ही तेज और पारदर्शी होना जरूरी है। वन डे गवर्नेंस सेंटर इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
अब लोगों को—
बार-बार नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
प्रमाणपत्रों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
बिचौलियों और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी।
एक ही स्थान पर कई सेवाओं का लाभ मिलेगा।
यानी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाएं पहले से कहीं ज्यादा तेज, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल दिखाई दे सकती हैं। योगी सरकार की यह नई पहल आम जनता के लिए राहत और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।