NCERT सिलेबस; यूपी में कक्षा 5 से 8वी तक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव!: खत्म होगी पुरानी व्यवस्था, लागू होगा पढ़ाई का नया सिस्टम, वहीं अंग्रेजी विषय अब...होने वाले बदलाव व फायदें_एक नजर
NCERT सिलेबस; यूपी में कक्षा 5 से 8वी तक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव!

लखनऊ/प्रयागराज : उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। योगी सरकार अब बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 तक भी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी कर रही है। यदि यह योजना लागू होती है तो प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों की पढ़ाई का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। सबसे खास बात यह है कि केवल NCERT की किताबें लागू नहीं होंगी, बल्कि उन्हें उत्तर प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। यानी छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ-साथ अपने प्रदेश से जुड़ी जानकारी भी पढ़ने को मिलेगी।

अब 5वीं से 8वीं तक भी पढ़ाई होगी NCERT पैटर्न पर

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि फिलहाल बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कक्षा 1 से 4 तक NCERT आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक माध्यमिक शिक्षा परिषद पहले ही NCERT पाठ्यक्रम अपना चुकी है। अब सरकार की योजना कक्षा 5 से 8 तक भी NCERT पाठ्यक्रम लागू करने की है, जिससे प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक पढ़ाई का एक समान ढांचा तैयार हो सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक चुनौतियों के लिए बेहतर आधार मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के अनुसार तैयार होंगी नई किताबें

गौरतलब है कि नई व्यवस्था के तहत NCERT की मूल पुस्तकों का अध्ययन किया जा रहा है। विशेषज्ञ यह देख रहे हैं कि किन विषयों और अध्यायों को उत्तर प्रदेश के संदर्भ में संशोधित या विस्तारित किया जा सकता है। उद्देश्य यह है कि छात्र राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ते हुए अपने राज्य के इतिहास, संस्कृति, भूगोल, सामाजिक जीवन और स्थानीय उपलब्धियों से भी परिचित हो सकें।

अंग्रेजी की किताबों में होगा खास बदलाव

इस पूरी प्रक्रिया में अंग्रेजी विषय की पुस्तकों को तैयार करने की जिम्मेदारी प्रयागराज स्थित आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ELTI) को सौंपी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार अंग्रेजी पुस्तकों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए भाषा सीखना आसान हो सके। नई पुस्तकों में आधुनिक शिक्षण पद्धति, संवाद आधारित अभ्यास, गतिविधियां और भाषा कौशल विकसित करने वाले अध्याय शामिल किए जा सकते हैं।

SCERT ने शुरू की तैयारी

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इस दिशा में तैयारी तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार विभिन्न विषयों की पुस्तकों का प्रारूप तैयार करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा चुकी है। संबंधित संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट और प्रस्ताव SCERT को भेज दिए हैं। अनुमोदन मिलने के बाद विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शिक्षा अधिकारियों की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें अंतिम पाठ्यपुस्तकों का स्वरूप तय होगा।

अगले शैक्षिक सत्र से लागू हो सकती है नई व्यवस्था

आपको बता दें कि शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार यदि तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं, तो अगले शैक्षिक सत्र से कक्षा 5 से 8 तक NCERT आधारित नया पाठ्यक्रम लागू किया जा सकता है। इससे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने का रास्ता और मजबूत होगा।

छात्रों और अभिभावकों को क्या होगा फायदा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों को कई बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है—

  • पूरे देश के समान शैक्षणिक स्तर का लाभ मिलेगा।

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आसानी होगी।

  • विषयों की समझ अधिक व्यावहारिक और आधुनिक होगी।

  • अंग्रेजी भाषा सीखने में सुधार आएगा।

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को मजबूत आधार मिलेगा।

  • सरकारी और निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम में अंतर कम होगा।

यूपी की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो उत्तर प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में यह पिछले कुछ वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। सरकार का उद्देश्य केवल किताबें बदलना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी भविष्य की प्रतिस्पर्धा में मजबूती से आगे बढ़ सकें।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई किताबों का स्वरूप कैसा होगा और यह बदलाव छात्रों के सीखने के तरीके को किस हद तक प्रभावित करेगा।

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