लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सर्दियों की शुरुआत से पहले सबसे बड़ा तोहफा दे दिया है। 1 दिसंबर से पूरे प्रदेश में बिजली बिल राहत योजना 2025-26 लागू हो रही है, जिसमें बकायेदारों को ऐसी छूट मिल रही है जैसी इससे पहले कभी नहीं मिली। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने साफ कह दिया कि “जिसके सिर पर बिजली का बोझ है, दिसंबर से उसका बोझ आधा कर देंगे।”
जानें क्या है राहत?
आपको बता दें कि सरकार मूलधन पर 25% की सीधी छूट देने का ऐलान की है। इसके साथ ही 100% ब्याज माफ कर दिया गया है यानी ब्याज शून्य लगेगा। घरेलू उपभोक्ताओं (2 KW तक) और छोटे दुकानदारों (1 KW) को आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा दी है। औसत खपत के आधार पर बढ़े हुए बिल ऑटोमैटिक कम हो जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने बिजली चोरी से जुड़े पुराने मामलों में भी राहत दी है। योजना 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगी यानी पूरे तीन महीने तक मेगा क्लीन-अप चालू रहेगा।
मंत्री का निर्देश—“एक-एक उपभोक्ता तक योजना पहुंचाओ!”
गौरतलब है कि शक्तिभवन में हुई हाई-लेवल बैठक में ऊर्जा मंत्री ने सभी डिस्कॉम और पॉवर कॉर्पोरेशन के अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि “फील्ड इंजीनियर रोज़ निरीक्षण करेंगे, किसी उपभोक्ता को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।” इसके साथ ही डे-टू-डे रिपोर्टिंग अनिवार्य होगा। आवेदन या बिल संशोधन में ज़रा भी देरी हुई तो जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई तय होगी। पॉवर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने भी स्पष्ट किया किया कि “नेवर पेड और लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं को बिना देरी पंजीकृत कर छूट दिलाई जाए।”
कहां और कैसे मिलेगा लाभ? (सबसे आसान तरीका)
आपको बता दें कि 1 दिसंबर से कोई भी उपभोक्ता इन माध्यमों से पंजीकरण कर सकता है:
www.uppcl.org
UPPCL Consumer App
विभागीय कार्यालय
CSC/जनसेवा केंद्र
फिनटेक एजेंट
मीटर रीडर
सवाल या दिक्कत हो तो 1912 पर कॉल करके जानकारी ले सकते हैं।
योजना क्यों है खास?
गौरतलब है कि पहली बार सरकार ने एक ही योजना में—
●बड़े पैमाने पर छूट
●सारा ब्याज माफ
●आसान किस्तें
●पुराने विवाद खत्म
●चोरी के मामलों पर राहत
यानी यह सिर्फ राहत योजना नहीं बल्कि राज्य की सबसे बड़ी बिजली माफी योजना है।
हजारों-लाखों उपभोक्ता जिन्होंने सालों से बिजली बिल को बकाया रखा था, अब लाइन में आकर पंजीकरण करा रहे हैं। डिस्कॉम दफ्तरों में भी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। सरकार का दावा है कि इस बार कोई भी उपभोक्ता राहत से वंचित नहीं रहेगा।