यूपी में दिल्ली की अटल कैंटीन की तर्ज पर खुलेगी अन्नपूर्णा रसोई!: मात्र 5 रुपये में मिलेगा गरीबों और मजदूरों को भरपेट भोजन, प्रदेश के इन 18 शहरों से होगी शुरुआत?
यूपी में दिल्ली की अटल कैंटीन की तर्ज पर खुलेगी अन्नपूर्णा रसोई!

लख़नऊ : उत्तर प्रदेश में रोज कमाने और रोज खाने वाले गरीबों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। अब उन्हें भरपेट भोजन के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी। योगी सरकार प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों वाले जिलों में दिल्ली के अटल कैंटीन की तर्ज पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को महज 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की इस पहल से दिहाड़ी मजदूरों, किसानों, रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी वालों और दूसरे जरूरतमंद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर को इस पहल की घोषणा की थी। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े और उसे अपने कामकाज के आसपास ही सस्ता तथा पौष्टिक खाना मिल सके।

5 रुपये में भोजन, नाश्ते की भी होगी व्यवस्था

आपको बता दें कि अन्नपूर्णा रसोई योजना के तहत गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को 5 रुपये में भरपेट थाली देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा सुबह के नाश्ते के लिए भी कम कीमत रखने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, नाश्ता महज 3 रुपये में दिया जा सकता है। भोजन की थाली में दाल, चावल, रोटी और मौसमी सब्जियां शामिल करने की योजना है। सरकार का जोर केवल कम कीमत पर खाना उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए भोजनालयों में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता से जुड़े मानकों का पालन कराया जाएगा।

यूपी के इन 18 जिलों में शुरू होगी योजना

गौरतलब है कि शुरुआती चरण में प्रदेश के 18 मंडल मुख्यालयों वाले जिलों में अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की तैयारी है। संभावित सूची में ये जिले शामिल हैं:

  1. लखनऊ

  2. कानपुर

  3. वाराणसी

  4. गोरखपुर

  5. अयोध्या

  6. मेरठ

  7. बरेली

  8. मुरादाबाद

  9. आगरा

  10. अलीगढ़

  11. आजमगढ़

  12. झांसी

  13. बस्ती

  14. गोंडा (देवीपाटन मंडल)

  15. बांदा (चित्रकूट मंडल)

  16. मिर्जापुर

  17. सहारनपुर

  18. प्रयागराज

इन शहरों में बड़ी संख्या में मजदूर, छोटे कारोबारी, छात्र और दूसरे जरूरतमंद लोग रहते हैं। ऐसे में सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध होने से उन्हें रोजमर्रा के खर्च में राहत मिल सकती है।

मंडियों से लेकर बस अड्डों तक खुलेंगे भोजनालय

विदित है कि सरकार की योजना के मुताबिक, अन्नपूर्णा भोजनालयों के लिए ऐसी जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां जरूरतमंद लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। इनमें कृषि अनाज मंडियां, श्रमिक अड्डे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सरकारी अस्पतालों के आसपास के क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। मंडियों में किसान अपनी फसल बेचने के लिए कई-कई घंटे रुकते हैं। वहीं निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों को रोज भोजन की व्यवस्था करने में काफी खर्च करना पड़ता है। ऐसे में उनके कामकाज के स्थान के पास ही सस्ता भोजन मिलने से बड़ी सुविधा हो सकती है। किसानों को टोकन व्यवस्था के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराने की भी योजना है।

कब से शुरू होगी अन्नपूर्णा रसोई?

अधिकारियों के स्तर पर नवंबर 2026 के मध्य या त्योहारों के बाद योजना शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है। भोजनालयों के संचालन के लिए एजेंसियों के चयन और स्थानों की पहचान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, सभी जिलों में शुरुआत की अंतिम तारीख और भोजनालयों के पते की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी राहत

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों के लिए भी राहत की घोषणा की है। प्रदेश के करीब 1.89 करोड़ पात्र परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर की रिफिल सब्सिडी देने के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।

अन्नपूर्णा भोजनालय योजना लागू होने पर प्रदेश के गरीबों और मेहनतकश लोगों को कम कीमत में भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि भोजनालयों की शुरुआत कब होती है और उन्हें अपने शहर में यह सुविधा कहां मिलेगी।

अन्य खबरे