लखनऊ: उत्तर प्रदेश की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। जिस राज्य को कभी 'बीमारू' (बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश) की सूची में गिना जाता था, वही यूपी अब भारत की सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में प्रदेश ने औद्योगिक विकास, निवेश, बुनियादी ढांचे और रोजगार के हर मोर्चे पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
9 साल की उपलब्धियां: एक नजर में
50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
22 एक्सप्रेसवे (9 संचालित, 3 निर्माणाधीन, 10 प्रस्तावित)
5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (देश का पहला राज्य)
17 हवाई अड्डे चालू, 7 पर काम जारी
1.10 करोड़ रोजगार के अवसर (अनुमानित)
15 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे
31,459 फैक्ट्रियां (2016-17 में 14,169 थीं)
2 लाख करोड़ के पार निर्यात
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 1,058% की वृद्धि
'बीमारू' टैग से 'बिजनेस हब' तक का सफर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 2017 से पहले यूपी की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। निवेश की गति लगभग ठहर गई थी। लेकिन 2017 के बाद योगी सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और सुरक्षित माहौल पर फोकस किया। नतीजा यह हुआ कि आज यूपी देश में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में पहले स्थान पर है। 65 विभागों के 4,675 अनुपालन कम किए गए हैं, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।
एक्सप्रेसवे क्रांति: औद्योगिक विकास की नई रीढ़
गौरतलब है कि 2017 तक प्रदेश में सिर्फ दो एक्सप्रेसवे थे। आज यूपी 22 एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन रहा है। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी में है। इन एक्सप्रेसवे के किनारे 26 जिलों में 5,300 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई है। यहां बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। बुंदेलखंड में 56,662 एकड़ में एक नया औद्योगिक शहर बसाया जा रहा है। यह पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है।
जल-थल-आकाश: कनेक्टिविटी का जाल
विदित है कि 2017 से पहले यूपी में लखनऊ और वाराणसी हवाई अड्डे ही पूरी तरह सक्रिय थे। अब प्रदेश में 17 हवाई अड्डे चालू हैं और 7 पर तेजी से काम चल रहा है।
नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही यूपी 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
माल ढुलाई के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) का 1,050 किमी हिस्सा यूपी से गुजरता है। भारत के 111 राष्ट्रीय जलमार्गों में से 11 यूपी में हैं और वाराणसी में देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल आकार ले रहा है।
FDI, फैक्ट्रियों और निर्यात में अभूतपूर्व उछाल
आपको बता दें कि 9 सालों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में 5 गुना बढ़ोतरी हुई है।
जून 2000 से मार्च 2017 तक: 3,303 करोड़ रुपये
अप्रैल 2017 से जून 2025 तक: 17,004 करोड़ रुपये
फैक्ट्रियों की संख्या दोगुनी
• 2016-17: 14,169 फैक्ट्रियां
• फरवरी 2026: 31,459 फैक्ट्रियां
निर्यात में शानदार उछाल
• 2016-17: 86 हजार करोड़ रुपये
• अब: 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 1,058% की वृद्धि
• 7 साल पहले: 3,862 करोड़ रुपये
• अब: 44,744 करोड़ रुपये
MSME और ODOP: गेमचेंजर योजनाएं
उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर आज 3.11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है। यह बड़ी कंपनियों के बाद भी रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है।
ODOP (एक जिला एक उत्पाद) योजना ने स्थानीय कारीगरों को ग्लोबल मार्केट दिया है। इस योजना के तहत:
20,396 उद्यमियों को 904 करोड़ रुपये की मदद
12 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं
4.25 लाख लोगों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत आधुनिक उपकरण और ट्रेनिंग
यूपी की नई हाई-टेक पहचान
मुख्य रूप से कृषि प्रधान माने जाने वाले यूपी में अब हाई-टेक उद्योगों की गूंज है।
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के 6 नोड (झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर) में:
35 हजार करोड़ रुपये के निवेश
200 से अधिक MoU पर मुहर
सेमीकंडक्टर यूनिट
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में HCL और फॉक्सकॉन के सहयोग से उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट लग रही है। इस पर 3,700 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
डेटा सेंटर
30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क बनाए जा रहे हैं।
वैश्विक मंच पर गूंजता यूपी का नाम
आपको बता दें कि यूपी अब सिर्फ देश के लिए ही नहीं, बल्कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए भी सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुका है। WEF 2026 में यूपी ने AI, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी में 2.94 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन किए।
सिंगापुर और जापान के दौरों से:
1.5 लाख करोड़ रुपये के MoU
2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव
आगे का लक्ष्य: वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी
योगी सरकार अब वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव और 1.10 करोड़ रोजगार के अनुमान इस लक्ष्य को साकार करने में मदद करेंगे।
यूपी के बदलाव की 5 बड़ी वजहें
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में पहला स्थान
22 एक्सप्रेसवे का विशाल नेटवर्क
5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट (देश में पहला राज्य)
50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
स्थिर कानून-व्यवस्था और निवेशकों का भरोसा
कभी 'बीमारू' कहे जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शुमार है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, हाई-टेक उद्योग, एमएसएमई, निर्यात और निवेश; हर क्षेत्र में यूपी ने नया इतिहास रचा है। डबल इंजन सरकार की इस सफलता की कहानी आने वाले वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने की दिशा में ले जाएगी।