मुंबई/मनोरंजन : बॉलीवुड के सबसे चर्चित, स्टाइलिश और सफल फिल्ममेकर्स में गिने जाने वाले करण जौहर आज 54 साल के हो गए हैं। लेकिन करोड़ों की नेटवर्थ, सुपरहिट फिल्मों और ग्लोबल पहचान के पीछे एक ऐसा संघर्ष छिपा है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। जिस लड़के का बचपन में उसकी चाल, आवाज और बॉडी लैंग्वेज को लेकर मजाक उड़ाया गया… जिसने लोगों के डर से खुद को कमरे में बंद कर लिया… वही करण जौहर आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में शामिल हैं।
शाहरुख खान के भरोसे, पिता के संघर्ष और खुद के दर्द को ताकत बनाकर करण ने वो मुकाम हासिल किया, जहां तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं।
“लड़कियों जैसा है…” सुनकर टूट गए थे करण
आपको बता दें कि आज कैमरे के सामने बेहद कॉन्फिडेंट नजर आने वाले करण जौहर बचपन में बेहद शर्मीले और डरे हुए थे। स्कूल में बच्चे उनकी चाल, बोलने के तरीके और हावभाव का मजाक उड़ाते थे। करण ने कई इंटरव्यू में बताया कि उन्हें “एफेमिनेट” कहकर चिढ़ाया जाता था। खेल के मैदान में भी उनका मजाक बनता था। धीरे-धीरे हालत ऐसी हो गई कि उन्होंने लोगों के बीच जाना तक कम कर दिया। उन्हें लगता था कि समाज उन्हें स्वीकार नहीं करेगा। यही वजह थी कि वो अंदर ही अंदर खुद को बदलने की कोशिश करने लगे।
माता-पिता से झूठ बोलकर ली आवाज बदलने की ट्रेनिंग
करण ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने अपनी आवाज को “ज्यादा मर्दाना” बनाने के लिए तीन साल तक ट्रेनिंग ली। सबसे हैरान करने वाली बात ये थी कि उन्होंने अपने माता-पिता से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो वॉइस ट्रेनिंग ले रहे थे। तीन साल बाद जब घर में कंप्यूटर आया तो पिता ने कहा- “चलो अब इसे इस्तेमाल करके दिखाओ।” उस वक्त करण के पास कोई जवाब नहीं था, क्योंकि उन्होंने जिंदगी में कभी कंप्यूटर सीखा ही नहीं था।
माता-पिता नहीं चाहते थे कि बेटा फिल्मों में जाए
गौड़तलब है कि आज भले ही करण जौहर “धर्मा प्रोडक्शन” के मालिक हैं, लेकिन उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री में आएं। उनके पिता यश जौहर फिल्में बनाते जरूर थे, लेकिन लगातार नुकसान झेल चुके थे। परिवार चाहता था कि करण फ्रेंच भाषा सीखकर बिजनेस संभालें। जब करण ने फिल्मों में जाने का फैसला किया तो उनकी मां ने करीब एक महीने तक उनसे बात तक नहीं की।
शाहरुख खान ने बदली करण की जिंदगी
फिल्म “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे” के दौरान करण असिस्टेंट डायरेक्टर थे। उसी समय शाहरुख खान ने उनसे कहा था- “तुम्हें फिल्म डायरेक्ट करनी चाहिए… मैं तुम्हारी फिल्म में काम करूंगा।” करण को लगा कि शाहरुख मजाक कर रहे हैं। लेकिन बाद में शाहरुख ने खुद यश जौहर को फोन कर कहा कि वो करण की फिल्म में काम करेंगे। इसके बाद शुरू हुई “कुछ कुछ होता है”… और 1998 में रिलीज हुई ये फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई। पहली ही फिल्म ने करण जौहर को स्टार डायरेक्टर बना दिया।
अमिताभ बच्चन को डायरेक्ट करने के डर से बेहोश हो गए थे करण
करण जौहर ने अपनी दूसरी फिल्म “कभी खुशी कभी गम” में अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन और करीना कपूर जैसे बड़े सितारों को डायरेक्ट किया। लेकिन इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करने का दबाव इतना ज्यादा था कि करण शूटिंग के दौरान घबरा गए। उन्होंने खुद बताया था कि “बोले चूड़ियां” गाने की शूटिंग के दौरान उनकी हालत खराब हो गई थी। डर और तनाव के कारण वो बार-बार बाथरूम जा रहे थे और आखिरकार बेहोश होकर गिर पड़े। जब उन्हें होश आया तो सामने अमिताभ बच्चन बैठे थे। अमिताभ ने उनसे कहा-
“करण… चिंता मत करो, हम अच्छा काम करेंगे।” करण कहते हैं कि उस दिन उन्हें एहसास हुआ कि इतने बड़े स्टार होने के बावजूद अमिताभ बच्चन कितने विनम्र इंसान हैं।
नेपोटिज्म के आरोपों से घिरे, लेकिन नहीं रुके
आपको बता दें कि करण जौहर पर सालों से नेपोटिज्म को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें अक्सर “स्टार किड्स का लॉन्चर” कहा जाता है। हालांकि करण का कहना है कि उन्होंने कभी किसी का करियर बर्बाद नहीं किया। उन्होंने सिर्फ अपने काम पर ध्यान दिया और नए कलाकारों को मौका दिया। आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे कई सितारों को लॉन्च करने का श्रेय भी करण जौहर को ही जाता है।
दो बार टूटा दिल, दर्द से बनी ‘ऐ दिल है मुश्किल’
करण जौहर ने खुलासा किया था कि उनका दिल दो बार टूटा और दूसरी बार का दर्द इतना गहरा था कि उसी से फिल्म “ऐ दिल है मुश्किल” की कहानी निकली। उन्होंने कहा था कि रणबीर कपूर का किरदार कहीं न कहीं उनकी अपनी जिंदगी से जुड़ा था। एकतरफा प्यार का दर्द उन्होंने खुद महसूस किया था।
मेट गाला पहुंचने वाले पहले भारतीय फिल्म डायरेक्टर बने
सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, फैशन की दुनिया में भी करण जौहर का अलग दबदबा है। साल 2026 में करण जौहर मेट गाला के रेड कार्पेट पर पहुंचने वाले पहले भारतीय फिल्म डायरेक्टर बने। उनका आउटफिट भारतीय कला और राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स से प्रेरित था, जिसकी दुनियाभर में चर्चा हुई।
करोड़ों के मालिक, लेकिन संघर्ष नहीं भूले
आज करण जौहर की नेटवर्थ करीब 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। मुंबई में उनके आलीशान घर, लग्जरी कारें और ग्लोबल पहचान है। लेकिन तमाम सफलता के बावजूद करण अक्सर कहते हैं कि उन्होंने जिंदगी में ताने, अकेलापन और असुरक्षा बहुत करीब से देखी है। शायद यही वजह है कि उनकी फिल्मों में रिश्तों, इमोशंस और अधूरे प्यार की गहराई साफ नजर आती है।
54 साल की उम्र में भी करण जौहर सिर्फ एक फिल्ममेकर नहीं, बल्कि बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में गिने जाते हैं।