धामी सरकार ने विधानसभा में पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट!: 21 नई योजनाओं को किया गया शुरू, वहीं किसानों की आय बढ़ाने के लिए...जानिए बजट में इस बार क्या रहा खास
धामी सरकार ने विधानसभा में पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट!

उत्तराखंड : देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम दिन रहा, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10–11 प्रतिशत अधिक है और इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, कृषि, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस रखा गया है।

GYAN मॉडल पर आधारित बजट :

आपको बता दें कि सरकार ने इस बजट को ‘GYAN मॉडल’ पर आधारित बताया है, जिसमें

G – गरीब कल्याण

Y – युवा सशक्तिकरण

A – अन्नदाता यानी किसान

N – नारी शक्ति

को विकास की मुख्य धुरी माना गया है।

महिलाओं और बच्चों के लिए बड़ा बजट

गौरतलब है कि सरकार ने इस बार महिलाओं और बच्चों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। जेंडर बजट को बढ़ाकर ₹19,692 करोड़ कर दिया गया है। महिला और बाल विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं के लिए भी अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं:

सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 – ₹598 करोड़

प्रधानमंत्री पोषण मिशन – ₹149 करोड़

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना – ₹30 करोड़

आंचल अमृत योजना – ₹15 करोड़

बाल पोषण योजना – ₹25 करोड़

इन योजनाओं का उद्देश्य मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और बच्चों में कुपोषण को कम करना है।

किसानों की आय बढ़ाने की योजना

विदित है कि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए:

मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़

बागवानी और उद्यान बीमा योजनाएं

सुगंधित पौधों के क्लस्टर

कीवी और ड्रैगन फ्रूट जैसी हाई वैल्यू फसलों को बढ़ावा

जैसी योजनाओं का प्रावधान किया है। इसके अलावा पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप का मौका

आपको बता दें कि राज्य के युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल की गई हैं।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना – ₹60 करोड़

स्टार्टअप वेंचर फंड

कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण

पॉलीटेक्निक संस्थानों में नई टेक्नोलॉजी लैब

सरकार का लक्ष्य है कि युवा नौकरी ढूंढने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनें।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश

गौरतलब है कि बजट में सड़कों, पेयजल और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी बड़ा निवेश किया गया है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) – ₹2501 करोड़

पेयजल विभाग – ₹1827 करोड़

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना – ₹1050 करोड़

गड्ढा मुक्त सड़क अभियान – ₹400 करोड़

इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है।

पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर खास फोकस

विदित है कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

•मानसखंड मंदिर माला मिशन

•केदारखंड मंदिर माला मिशन

•हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर

•नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए ₹25 करोड़

सरकार का लक्ष्य है कि धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक बनाकर राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जाए।

टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा पर भी जोर

विदित है कि इस बार के बजट में डिजिटल और तकनीकी विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।

•AI मिशन के लिए ₹25 करोड़

•राज्य डेटा सेंटर के लिए ₹105 करोड़

•साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश

सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित विकास से राज्य में नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में बड़े प्रावधान किए गए हैं।

ग्रामीण विकास – ₹1642 करोड़

पंचायती राज संस्थाएं – ₹1491 करोड़

सामाजिक सुरक्षा पेंशन – ₹1327 करोड़

इसके अलावा सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए विशेष योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं।

उत्तराखंड सरकार का यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, कृषि और तकनीकी विकास पर केंद्रित एक व्यापक विकास योजना के रूप में सामने आया है। ‘GYAN मॉडल’ के तहत गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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