चारधाम यात्रा से पहले, मंदिर समिति (BKTC) का बड़ा फैसला!: केदारनाथ-बद्रीनाथ समेत 48 मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन, यात्रा व्यवस्थाओं के लिए 121 करोड़ का बजट पास, इन अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर_एक नजर
चारधाम यात्रा से पहले, मंदिर समिति (BKTC) का बड़ा फैसला!

देहरादून : उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के बीच एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अपने अधीन आने वाले मंदिरों को लेकर बड़ा प्रस्ताव पास किया है। समिति की बजट बैठक में यह तय किया गया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम सहित कुल 48 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह निर्णय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके साथ ही आगामी यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भी मंजूर किया गया।

चारधाम यात्रा से पहले व्यवस्थाएं मजबूत करने की तैयारी

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समिति की बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है, इसलिए धामों में व्यवस्थाओं को पहले से बेहतर और व्यवस्थित बनाना जरूरी है। यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

•ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोलना
•मंदिर परिसर के भीतर निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन पर प्रतिबंध
•पूजा और दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित करना
•दर्शन लाइनों की रेलिंग की मरम्मत और रंग-रोगन
•पेयजल, बिजली और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना
•तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम गृहों में आवासीय सुविधाओं में सुधार

इसके अलावा बैठक में ऑनलाइन पूजा प्रणाली और मंदिर समिति की वेबसाइट को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से सुविधाएं मिल सकें।

कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी लिए गए अहम निर्णय

गौरतलब है कि मंदिर समिति की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी फैसले लिए गए। इनमें शामिल हैं:

•कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़े मामलों पर निर्णय
•वेतन विसंगतियों को दूर करने की पहल
•कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
•वेतन और पेंशन भुगतान के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने का निर्णय

समिति का मानना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने से यात्रा प्रबंधन और सेवा व्यवस्था बेहतर होगी।

121 करोड़ से ज्यादा का बजट मंजूर

विदित है कि बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 121.07 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। इस बजट में अलग-अलग धामों के लिए अलग प्रावधान किए गए हैं:

बद्रीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ रुपये
केदारनाथ धाम के लिए लगभग 63.60 करोड़ रुपये

समिति के अनुसार इस बजट का बड़ा हिस्सा यात्रा व्यवस्थाओं, सुविधाओं के विस्तार, रखरखाव और तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में खर्च किया जाएगा।

चारधाम यात्रा 2026 की तारीखें भी तय

गौरतलब है कि इस साल चारधाम यात्रा का कार्यक्रम भी तय हो चुका है।

यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट – 19 अप्रैल
केदारनाथ मंदिर के कपाट – 22 अप्रैल
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट – 23 अप्रैल

यानी 19 अप्रैल से उत्तराखंड में पवित्र चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो जाएगी।

यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य है भीड़ का बेहतर प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, यात्रा को अधिक व्यवस्थित बनाना शामिल है। बिना रजिस्ट्रेशन के श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

आस्था और व्यवस्थाओं के बीच संतुलन की कोशिश

मंदिर समिति का कहना है कि यह फैसला धार्मिक परंपराओं और मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बजट और व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी होती है, इसलिए प्रशासन और मंदिर समिति इस बार सुरक्षा, व्यवस्था और धार्मिक अनुशासन; तीनों को संतुलित रखने की तैयारी में जुटे हैं।

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