चेन्नई : भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए ऐसा फैसला लिया है, जिसे सुनकर स्लीपर क्लास में सफर करने वाले लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है। अब तक सिर्फ एसी कोच के यात्रियों को मिलने वाली बेडरोल सुविधा चादर, तकिया, पिलो कवर अब स्लीपर कोच में भी उपलब्ध होगी। लेकिन यह सुविधा मुफ्त नहीं, बल्कि ऑन-डिमांड और ऑन-पेमेंट मिलेगी। मतलब पैसे दो औऱ साफ-सुथरी, सैनिटाइज्ड बेडरोल मिल जाएगा।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चेन्नई डिवीजन की 10 प्रमुख ट्रेनों में रेलवे रेडी-टू-यूज बेडरोल सर्विस शुरू कर रहा है। इस फैसले को यात्रियों से जबरदस्त समर्थन मिला है। पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था अब इसे स्थाई कर दिया गया है।
यात्री को क्या मिलेगा और कितने में मिलेगा?
गौरतलब है कि रेलवे ने तीन अलग-अलग शुल्क तय किए हैं:
सुविधा - कीमत
●सिर्फ बेडशीट - ₹20
●तकिया + पिलो कवर - ₹30
●पूरा बेडरोल पैक (बेडशीट + तकिया + कवर) - ₹50
यानी 50 रुपये में स्लीपर कोच का सफर भी एसी वाले बेडरोल जैसा आराम देगा।
इन 10 ट्रेनों में सबसे पहले मिलेगी यह सुविधा :
नीलगिरि सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12671/72)
मंगलूरू सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12685/86)
मनारगुड़ी एक्सप्रेस (16179/80)
तिरुचेंदूर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20605/06)
पालघाट एक्सप्रेस (22651/52)
सिलंबु सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20681/82)
तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22657/58)
तिरुवनंतपुरम सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12695/96)
अलेप्पी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22639/40)
मंगलूरू एक्सप्रेस (16159/60)
बेडरोल मिलेगा कैसे?
आपको बता दें कि एक लाइसेंसधारी एजेंसी साफ-सुथरे बेडरोल की धुलाई से लेकर पैकिंग तक सब संभालेगी। साथ ही स्टेशन या ट्रेन में ऑन-डिमांड इसे यात्रियों को दिया जाएगा। पूरी सुविधा टच-फ्री, सैनिटाइज्ड और पैक्ड होगी।
क्यों है यह कदम खास?
गौरतलब है कि पहले स्लीपर यात्रियों को अपनी चादर/कंबल लेकर चलना पड़ता था। अब सफर हल्का, साफ-सुथरा और सुविधाजनक होगा। रेलवे के लिए भी बड़ा नॉन-फेयर रेवेन्यू सोर्स बनेगा। यह ठंड के मौसम में स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत के तौर पर कार्य करेगा।
स्लीपर क्लास का अपग्रेडेशन शुरू हो चुका है। रेलवे का यह कदम दर्शाता है कि आने वाले समय में स्लीपर क्लास यात्रियों को भी एसी कोच जैसी सुविधाएं मिलेंगी। मात्र 20 से 50 रुपये में आरामदायक सफर यह यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए एक फायदेमंद स्थिति है।