AI से 80s का रेट्रो लुक बनाना पड़ सकता है भारी!: AI पर चेहरा अपलोड करने के ये बड़े खतरे आपको कर देंगे हैरान, फोटो अपलोड करने से पहले बरते ये 6 सावधानियां?
AI से 80s का रेट्रो लुक बनाना पड़ सकता है भारी!

तकनीकी : 80 के दशक का रेट्रो अंदाज इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। लोग AI टूल्स की मदद से अपनी सामान्य तस्वीरों को विंटेज, पोलरॉइड, पुराने बॉलीवुड या 80s फैशन वाले लुक में बदल रहे हैं। कुछ ही सेकंड में तैयार होने वाली ये तस्वीरें देखने में बेहद आकर्षक लगती हैं, लेकिन इस ट्रेंड के पीछे डिजिटल प्राइवेसी से जुड़े कुछ गंभीर सवाल भी हैं। किसी AI प्लेटफॉर्म पर अपनी फोटो अपलोड करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी तस्वीर और उससे जुड़ा डेटा किस तरह इस्तेमाल हो सकता है। हर AI सेवा की डेटा नीति अलग होती है, इसलिए बिना पढ़े फोटो अपलोड करना जोखिम भरा हो सकता है।

1. डीपफेक का बढ़ सकता है खतरा

आपको बता दें कि AI टूल को दी गई साफ चेहरे वाली तस्वीर का इस्तेमाल चेहरे की डिजिटल कॉपी तैयार करने में किया जा सकता है। गलत हाथों में ऐसी तस्वीर पहुंचने पर उसका इस्तेमाल फर्जी फोटो या वीडियो यानी डीपफेक बनाने में किया जा सकता है। इसका दुरुपयोग किसी व्यक्ति की छवि खराब करने या धोखाधड़ी के लिए भी हो सकता है।

2. फोटो अपलोड करने के बाद डेटा कहां जाता है?

गौरतलब है कि सबसे बड़ा सवाल यही है। किसी AI ऐप पर फोटो डालने से पहले उसकी Privacy Policy और Terms जरूर पढ़ें। कुछ सेवाएं तस्वीरों को प्रोसेस करने के बाद सीमित समय में हटा सकती हैं, जबकि कुछ सेवाओं की शर्तों में अपलोड किए गए कंटेंट को अलग-अलग उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति हो सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि हर AI ऐप फोटो पर आपका अधिकार खत्म कर देता है, लेकिन आपको यह जरूर पता होना चाहिए कि सेवा आपकी फोटो के साथ क्या कर सकती है।

3. चेहरे की जानकारी भी संवेदनशील हो सकती है

चेहरे की तस्वीर केवल एक फोटो नहीं होती। इससे किसी व्यक्ति की पहचान आसानी से की जा सकती है। खासकर ऐसी तस्वीरें जिनमें चेहरा साफ दिखाई देता हो, उन्हें सार्वजनिक या अनजान प्लेटफॉर्म पर साझा करते समय सावधानी जरूरी है। इसलिए निजी दस्तावेज, पहचान पत्र, बैंकिंग जानकारी या बेहद निजी तस्वीरों को किसी अनजान AI टूल पर अपलोड करने से बचें।

4. आपकी तस्वीर का दूसरे काम में इस्तेमाल?

कुछ AI सेवाओं की शर्तों में यूजर द्वारा अपलोड किए गए कंटेंट को सेवा सुधारने, मॉडल ट्रेनिंग या दूसरे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने से जुड़े प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए केवल यह देखकर ऐप का इस्तेमाल न करें कि वह मुफ्त है या तस्वीर शानदार बना रहा है। पहले यह देखें कि आपकी फोटो के इस्तेमाल को लेकर कंपनी की नीति क्या कहती है।

5. असली और AI फोटो में फर्क मुश्किल

विदित है कि AI से बनी तस्वीरें लगातार ज्यादा वास्तविक होती जा रही हैं। इससे सोशल मीडिया पर किसी तस्वीर की सच्चाई पहचानना मुश्किल हो सकता है। भविष्य में किसी व्यक्ति की असली तस्वीर और AI से बनाई गई तस्वीर के बीच अंतर करना आम यूजर के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

6. AI के बनाए लुक में भी हो सकता है पक्षपात

AI हमेशा किसी संस्कृति, उम्र, रंग-रूप या फैशन को बिल्कुल सही तरीके से पेश करे, यह जरूरी नहीं है। कई बार मॉडल के प्रशिक्षण डेटा में मौजूद पक्षपात तस्वीर के परिणाम में दिखाई दे सकता है। इसलिए AI से बनी तस्वीर को वास्तविकता का प्रमाण मानना ठीक नहीं है।

फोटो अपलोड करने से पहले अपनाएं ये सावधानियां

• अनजान AI ऐप पर अपनी हाई-क्वालिटी फोटो अपलोड न करें।

• Privacy Policy और Terms of Service जरूर पढ़ें।

• देखें कि फोटो कितने समय तक स्टोर की जाएगी और क्या उसे मॉडल ट्रेनिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है।

• पहचान पत्र, पासपोर्ट, बैंक दस्तावेज जैसी तस्वीरें AI टूल को न दें।

• संभव हो तो भरोसेमंद और प्रतिष्ठित सेवा का इस्तेमाल करें।

• सोशल मीडिया पर AI से बनी तस्वीर शेयर करते समय उसे AI-generated बताना बेहतर है।

रेट्रो लुक का शौक पूरा करना गलत नहीं है, लेकिन कुछ सेकंड की वायरल तस्वीर के लिए अपनी डिजिटल प्राइवेसी को दांव पर लगाना समझदारी नहीं होगी।

अन्य खबरे