2027 से बदल जायेगा परीक्षा का पूरा सिस्टम!: NTA बनाएगा सरकारी स्कूलों में नए स्टैंडर्ड टेस्टिंग सेंटर, NEET-JEE-CUET समेत इन परीक्षाओं में होंगे बड़े बदलाव...जानिए कैसे काम करेगा नया सिस्टम
2027 से बदल जायेगा परीक्षा का पूरा सिस्टम!

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए 2027 में परीक्षा व्यवस्था का चेहरा बदल सकता है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने अगले साल होने वाली कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए अभी से बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी अब ऐसे सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की पहचान कर रही है, जिन्हें भविष्य में मानक NTA टेस्टिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। इस पूरी कवायद में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, पीएम-श्री स्कूलों के साथ इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मैनेजमेंट संस्थानों को भी शामिल किया जा रहा है। यानी आने वाले समय में सरकारी शिक्षण संस्थानों में ही बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए आधुनिक परीक्षा केंद्र तैयार किए जा सकते हैं।

2027 से कंप्यूटर पर होंगी बड़ी परीक्षाएं!

रिपोर्ट के मुताबिक NTA का लक्ष्य 2027 की प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए पर्याप्त CBT सेंटर तैयार करना है। इसमें NEET UG, JEE Main, CUET UG-PG और UGC NET जैसी परीक्षाएं शामिल हैं। सबसे बड़ी चुनौती NEET जैसी परीक्षा को लेकर है, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की परीक्षा कंप्यूटर पर कराने के लिए पर्याप्त कंप्यूटर, नेटवर्क और अन्य तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी। इसी वजह से NTA ने अभी से संभावित परीक्षा केंद्रों का तकनीकी ऑडिट शुरू कर दिया है।

सिर्फ कंप्यूटर नहीं, इन सुविधाओं की भी होगी जांच

गौरतलब है कि NTA और संबंधित संस्थानों की नजर केवल इस बात पर नहीं है कि किसी स्कूल या कॉलेज में कितने कंप्यूटर हैं। करीब 30 अलग-अलग जानकारियों के आधार पर संभावित केंद्रों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसमें चालू कंप्यूटरों की संख्या, कंप्यूटर लैब, अतिरिक्त कंप्यूटर लगाने की क्षमता, इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी, सर्वर, UPS, पावर बैकअप, DG सेट, CCTV और एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा परीक्षा कक्ष में प्राइवेसी स्क्रीन या पार्टिशन, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, स्ट्रांग रूम और अतिरिक्त जगह की उपलब्धता भी देखी जाएगी।

15 सितंबर तक देना होगा पूरा डेटा

आपको बता दें कि संभावित संस्थानों से निर्धारित समयसीमा में अपनी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। संस्थान को अपना पूरा पता, पिनकोड, जिला-राज्य, नजदीकी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की दूरी जैसी जानकारी भी देनी होगी। प्रिंसिपल या डायरेक्टर के साथ IT अथवा कंप्यूटर लैब प्रभारी की जानकारी भी मांगी जा रही है। यहां तक कि संस्थान सप्ताहांत और राजपत्रित छुट्टियों में परीक्षा कराने के लिए उपलब्ध रहेगा या नहीं, इसकी जानकारी भी देनी होगी।

AICTE से भी मांगी गई मदद

NTA ने परीक्षा केंद्रों का नेटवर्क मजबूत करने के लिए AICTE से भी सहयोग मांगा है। इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और मैनेजमेंट संस्थानों में उपलब्ध कंप्यूटर तथा IT सुविधाओं का डेटा जुटाया जा रहा है। मिली जानकारी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कौन-सा संस्थान NTA के मानकों के मुताबिक परीक्षा केंद्र बनने के योग्य है।

कागजों पर नहीं चलेगा खेल, होगा क्रॉस-चेक

संस्थानों से मिलने वाली जानकारी को सीधे स्वीकार नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक NTA के अधिकारी अलग-अलग विभागों के जरिए इन जानकारियों का क्रॉस-चेक भी करेंगे। यानी कागजों में कंप्यूटर, इंटरनेट या CCTV होने की जानकारी देने भर से केंद्र बनना तय नहीं होगा।

2026 में सरकारी संस्थानों की रही बड़ी भूमिका

गौरतलब है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार 2026 की परीक्षाओं में करीब 90 फीसदी परीक्षा केंद्र सरकारी शिक्षण संस्थानों में बनाए गए थे। ऐसे में 2027 के लिए सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के संसाधनों का बड़े पैमाने पर आकलन परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

अगर यह योजना तय तरीके से लागू होती है तो 2027 में NEET से लेकर JEE और CUET तक की परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर सेंटरों का नेटवर्क पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और व्यवस्थित हो सकता है। इससे NTA को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा एक साथ संभालने में मदद मिलेगी और परीक्षा केंद्रों की कमी जैसी चुनौती भी कम हो सकती है।

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