तकनीकी/सुरक्षा : डिजिटल इंडिया में केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स पर अब तक का सबसे बड़ा और सबसे सख़्त फैसला सुनाया है। अब आपका व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, स्नैपचैट, सिग्नल, शेयरचैट, जियोचैट, जोश कोई भी मैसेजिंग ऐप सिर्फ एक्टिव SIM पर ही चलेगा। यानी फोन से SIM निकाली तो ऐप तुरंत बंद हो जाएगा। साथ ही नंबर बंद होते ही ऐप बंद हो जाएगा। इसके साथ ही कंप्यूटर-लैपटॉप में भी हर 6 घंटे बाद जबरन लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि “सिम-बाइंडिंग” नियम से देश में साइबर फ्रॉड, फर्जी अकाउंट, और विदेश से होने वाली डिजिटल ठगी पर बड़ा प्रहार होगा।
नया नियम: “SIM-बाइंडिंग” — क्या है यह टेक्निकल टर्म?
गौरतलब है कि अब हर मैसेजिंग ऐप को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐप तभी चले, जब उसी मोबाइल में वही SIM ऑन और एक्टिव हो। मोबाइल से SIM हटते ही ऐप "ऑटो-शटडाउन" हो जाएगा। इससे विदेश में बैठे स्कैमर्स के फर्जी नंबरों पर रोक लगेगी
वेब लॉगिन पर भी बड़ी सख्ती:
आपको बता दें कि अब वॉट्सऐप/टेलीग्राम वेब हर 6 घंटे में जबरन ऑटो-लॉगआउट हो जायेगा। फिर से QR कोड स्कैन करके ही लॉगिन होगा। SIM हटते ही मोबाइल और वेब दोनों पर ऐप बंद हो जाएगा। यानी लैपटॉप पर 24 घंटे एक्टिव वॉट्सऐप का जमाना खत्म हो जाएगा।
क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?
सरकार के अनुसार विदेश से होने वाली साइबर ठगी 70% फर्जी नंबरों के जरिए होती है। SIM हटाकर, VPN लगाकर फ्रॉड करने का चलन बढ़ गया था। साथ ही चोरी के नंबरों से फर्जी वॉट्सऐप/टेलीग्राम आईडी बन रही थीं। कई गैंग भारत में ठगी करके विदेशी नंबरों के सहारे गायब हो जाते थे
कौन-कौन से ऐप इस नियम के दायरे में?
आपको बता दें कि कोई भी ऐप जिसमें मोबाइल नंबर से OTP लॉगिन होता है, सब प्रभावित होंगे। जिसमें WhatsApp, Telegram, Snapchat, Signal, ShareChat, JioChat, Arattai, Josh जैसे सोशल मीडिया ऐप शामिल है और साथ ही इससे बैंकिंग ऐप, UPI ऐप (PhonePe, GPay, Paytm), फेसबुक/इंस्टाग्राम/गूगल अकाउंट की मोबाइल-बेस्ड रिकवरी, Truecaller, OTP-based login वाले सभी ऐप प्रभावित होंगे।
कब से लागू होगा नया नियम?
आपको बता दें कि यह नियम आज से ही लागू होगा। और ऐप्स को 90 दिन में अपना सिस्टम बदलना होगा। साथ ही 120 दिन में सरकार को रिपोर्ट देनी होगी। नियम न मानने पर टेलीकॉम एक्ट 2023 और साइबर सिक्योरिटी नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
यूज़र्स के लिए क्या बदलेगा?
●फायदा :
फर्जी नंबर से ठगी कम
सभी अकाउंट ज्यादा सुरक्षित
साइबर क्राइम ट्रेस करना आसान
चोरी हुआ फोन तुरंत बेकार
●नुकसान :
हर 6 घंटे में वेब लॉगआउट झंझट
SIM खराब/बंद तो सारे ऐप बंद हो जाएंगे।
दो मोबाइल में नंबर बदलकर चलाने की सुविधा खत्म
थर्ड पार्टी ऐप्स का उपयोग मुश्किल
सरकार का यह कदम भारत की डिजिटल सुरक्षा में अब तक का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है। लेकिन यूज़र्स के लिए यह सुविधा से ज्यादा सिस्टम को हाई-लेवल सिक्योर ज़ोन में बदलने वाला कड़ा नियम है। जो SIM चलाएगा, वही WhatsApp चलाएगा अब डिजिटल पहचान पूरी तरह मोबाइल नंबर से जुड़ चुकी है।