SIR अपडेट; चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR अभियान की समयसीमा!: अब 4 की जगह, 11 दिसंबर तक चलेगा वोटर लिस्ट अपडेशन...12 राज्य के मतदाताओं...
SIR अपडेट; चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR अभियान की समयसीमा!

समाज: देशभर में मतदाता सूची सुधार अभियान (Special Intensive Revision-SIR) से जुड़ी सबसे बड़ी अपडेट सामने आई है। चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाने का ऐलान किया है। पहले अंतिम तारीख 4 दिसंबर थी, लेकिन अब यह बढ़ाकर 11 दिसंबर 2025 कर दी गई है।

आयोग के अनुसार, नया फैसला मतदाताओं को अधिक समय देने और फील्ड लेवल पर काम में आ रहीं देरी को दूर करने के लिए लिया गया है। अब SIR से जुड़े सभी चरण नई तारीखों के अनुसार पूरे किए जाएंगे और फाइनल मतदाता सूची (Final Electoral Roll) 14 फरवरी 2026 को जारी होगी।

SIR क्या है और क्यों चलाया जाता है?

SIR यानी Special Intensive Revision, एक विशेष अभियान होता है जिसमें चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण करता है।

इसका उद्देश्य है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़ा हो, गलतियों को ठीक किया जाए, डुप्लीकेट हटाए जाएं, मृत व्यक्तियों का नाम हटाया जाए और नए 18+ युवाओं को जोड़ा जाए। यह प्रक्रिया समय-समय पर की जाती है ताकि वोटर लिस्ट सटीक, नवीनतम और विश्वसनीय हो।

क्यों बढ़ानी पड़ी समयसीमा? बड़े कारण

सूत्रों के अनुसार कई राज्यों से रिपोर्ट मिली थी कि BLO स्तर पर फॉर्म-वेरिफिकेशन में समय लग रहा है। कुछ राज्यों में मौसम और त्योहारों की वजह से फील्ड वर्क प्रभावित हुआ। कई जगह युवाओं और नए रजिस्टर्ड वोटरों की ओर से फॉर्म-6 की संख्या अचानक बढ़ गई, जिसके कारण काम की गति धीमी पड़ी।

तकनीकी चुनौतियाँ, जैसे फोटो mismatch, एड्रेस प्रूफ वेरिफिकेशन, डुप्लीकेट एंट्री आदि भी प्रमुख कारण रहे। इन समस्याओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने मतदाताओं को एक अतिरिक्त सप्ताह देने का निर्णय लिया।

कौन-कौन से राज्यों में SIR चल रहा है?

SIR का दायरा इस समय 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक फैला है। इसमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, तमिल नाडु, केरल, गोवा, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पिछले कुछ सप्ताह से मतदाता सूची अपडेट, फील्ड-वेरिफिकेशन, बूथ स्तर पर घर-घर संपर्क और मतदान केंद्रों का पुनर्गठन तेज़ किया गया है।

अब क्या-क्या किया जा सकता है? मतदाताओं के लिए बड़ा मौका

समय बढ़ने से मतदाता अब 11 दिसंबर तक ये काम कर सकते हैं:

• नया नाम जोड़ना (Form-6)
• गलत नाम, पता या उम्र ठीक करना (Form-8)
• मृत व्यक्ति/डुप्लीकेट एंट्री हटवाना (Form-7)
• पता बदलने पर वोटर-लिस्ट में सुधार
• गलत फोटो अपडेट करना
• घर बदलने पर बूथ संशोधन

यह विस्तार उन लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है, जो किसी कारण से फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे।

इस बार SIR में क्या खास है?

इस बार चुनाव आयोग ने कई आधुनिक डिजिटल टूल लागू किए हैं।

Voter Helpline App के जरिए फॉर्म सबमिशन
NVSP Portal पर तत्काल स्टेटस ट्रैकिंग
GARUDA App से BLO का डिजिटल वेरिफिकेशन
EPIC कार्ड में QR Code जोड़ने की प्रक्रिया
Aadhaar-linking (स्वैच्छिक)

इन तकनीकों से प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज़ और डिजिटल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट कब आएगी?

अब SIR टाइमलाइन बढ़ने के बाद ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी किया जाएगा। इससे पहले यह 9 दिसंबर को आने वाली थी। ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद मतदाता अपना नाम चेक कर सकेंगे और किसी भी त्रुटि पर 15 जनवरी 2026 तक दावा/आपत्ति दर्ज कर सकेंगे।

मतदाताओं से अपील, समय रहते पूरा करें काम

चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समयसीमा बढ़ने का लाभ उठाएं और जल्द से जल्द अपने दस्तावेज़ अपडेट करवाएं। आयोग का कहना है कि मतदाता लोकतंत्र की रीढ़ हैं और सटीक मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

18 से 19 वर्ष के नए युवा वोटरों को विशेष रूप से घर-घर जाकर जोड़ने की व्यवस्था की गई है, वहीं महिला और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए BLO द्वारा विशेष सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

राज्यों में बढ़ती चुनौतियाँ और राजनीतिक प्रतिक्रिया

कुछ राज्यों ने प्रारंभिक चरण में शिकायत की थी कि समय कम है और बड़ी संख्या में किए जाने वाले वेरिफिकेशन के लिए अतिरिक्त कार्यबल की आवश्यकता है। राजनीतिक दलों ने भी समयसीमा बढ़ाने की सिफारिश की थी ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर ना रह जाए।

कई राज्यों में 'गलत तरीके से नाम हटाने' और बूथ-अलोकेशन को लेकर भी आपत्तियाँ सामने आई थीं, जिन पर आयोग ने फील्ड अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आगामी चुनावों पर बड़ा असर

मतदाता सूची का यह अपडेट आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति पर भी सीधे प्रभाव डालेगा।

नए युवा मतदाता बड़ी संख्या में जुड़ेंगे
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वोटर संतुलन में बदलाव आएगा
राजनीतिक दलों की campaigning नई आंकड़ों के आधार पर बदलेगी
नए मतदान केंद्रों से भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा

यह संशोधित SIR प्रक्रिया चुनाव आयोग के उस प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया गया है।

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