कफ सिरप को लेकर, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला!: बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगा खांसी का सिरप, अब केवल...जानें क्यों लिया ये फैसला?
कफ सिरप को लेकर, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला!

नई दिल्ली : देश में कफ सिरप से जुड़ी मौतों और जहरीले रसायन वाले सिरप के मामलों ने सरकार को झकझोर दिया है। अब केंद्र सरकार ने इतिहास का सबसे सख्त कदम उठाते हुए कफ सिरप की खुली बिक्री पर बड़ी रोक लगा दी है। अब से डॉक्टर की पर्ची के बिना कोई भी मेडिकल स्टोर कफ सिरप नहीं बेच पाएगा। सरकार के इस फैसले के पीछे दो बड़े कारण हैं—

  1. बच्चों की मौतें

  2. कफ सिरप में DEG और EG जैसे घातक केमिकल मिलने की घटनाएँ

जानें क्यों लेना पड़ा इतना बड़ा फैसला?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीते 3 सालों में भारत से निर्यात हुए कई कफ सिरपों में डाई-एथिलीन ग्लाइकोल (DEG) और ईथिलीन ग्लाइकोल (EG) जैसे घातक रसायन पाए गए। इन जहरीले केमिकल्स ने—

गाम्बिया में बच्चों की जान ली
उज्बेकिस्तान में मौतें दर्ज हुईं
कैमरून में भी कफ सिरप से हाहाकार मचा
और ताज़ा मामला मध्य प्रदेश में भी बच्चों की मौतें का आया है। ऐसी घटनाओं ने सरकार को कड़े नियम लागू करने पर मजबूर कर दिया।

क्या बदला? अब कफ सिरप कैसे मिलेगा?

गौरतलब है कि अब कफ सिरप मिलने के नियम में बदलाव कर दिया गया है अब :

● डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य
● हर मेडिकल स्टोर को रिकॉर्ड रखना होगा
● गुणवत्ता जांच के सख्त नियम लागू
● सभी कफ सिरप विशेष शेड्यूल में शामिल हो। कोई छूट नहीं

बच्चों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता

गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार - “बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गलत दवा सेवन, दुष्प्रभाव और जहरीले सिरप की घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।” सिर्फ इतना ही नहीं कई लोग कफ सिरप का नशे के लिए उपयोग कर रहे थे। कई माता-पिता भी बिना डॉक्टर से पूछे छोटे बच्चों को सिरप दे रहे थे, जिससे खतरा और बढ़ रहा था।

क्या होगा अब?

अब मेडिकल स्टोर बिना पर्ची सिरप बेचते पकड़े गए तो सख्त कार्रवाई होगी। डॉक्टर परामर्श के बिना खुद से दवा लेना अब "खतरनाक" और कानूनन गलत माना जाएगा। बाजार में मिलने वाले कफ सिरप की क्वालिटी मॉनिटरिंग और बढ़ाई जाएगी।

इस सरकारी फैसले का असर यह होगा कि अब लोग गलती से भी कफ सिरप नहीं खरीद सकेंगे। सरकार की नई सख्ती के बाद अब कफ सिरप ना खुलेआम बिकेगा, ना बिना पर्चे मिलेगा, और ना ही कोई इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल कर पाएगा। यह फैसला देश के लाखों बच्चों की जान बचा सकता है। और यही इस सख्ती की असली वजह है।

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