'रामायण' बनाने वाले रामानंद सागर के पोते ला रहें भागवत महापुराण पर 7 पार्ट की भव्य सीरीज!: फिल्म के पहले भाग में...विष्णुरत की पहली झलक ने मचाई हलचल वही...जानिए सिनेमाघरों में कब देगी दस्तक
'रामायण' बनाने वाले रामानंद सागर के पोते ला रहें भागवत महापुराण पर 7 पार्ट की भव्य सीरीज!

धर्म/बॉलीवुड : भारतीय टेलीविजन पर रामायण को यादगार बनाने वाले रामानंद सागर की विरासत अब एक बार फिर धार्मिक कथाओं के बड़े पर्दे पर नजर आने वाली है। उनके पोते आकाश सागर और अमृत सागर अब भागवत महापुराण की विशाल कथा को सात भागों वाली सिनेमाई सीरीज के रूप में पेश करने जा रहे हैं। फिल्म के पहले भाग ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ का पहला टीजर पोस्टर जारी कर दिया गया है। फिल्म को लेकर सामने आई पहली झलक ने दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। निर्माताओं का दावा है कि इस प्रोजेक्ट को आधुनिक तकनीक और बड़े सिनेमाई कैनवास पर तैयार किया जा रहा है।

सात भागों में दिखाई जाएगी विशाल कथा

आपको बता दें कि ‘श्रीमद्भागवतम्’ भारत के प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में शामिल भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसकी कहानी को एक फिल्म में समेटने के बजाय निर्माताओं ने इसे सात भागों में प्रस्तुत करने की योजना बनाई है। पहले भाग का नाम ‘विष्णुरत’ रखा गया है। इसका अर्थ बताया गया है—विष्णु द्वारा संरक्षित। फिल्म की शुरुआती झलक में भी इसी आध्यात्मिक भाव को प्रमुखता देने की कोशिश की गई है।

रामानंद सागर की विरासत से जुड़ी है फिल्म

गौरतलब है कि आकाश और अमृत सागर का यह प्रोजेक्ट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे रामानंद सागर के पोते हैं। रामानंद सागर की रामायण ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में खास जगह बनाई थी। हालांकि दोनों निर्देशकों का कहना है कि उनका उद्देश्य अपने दादा की बनाई रामायण को दोहराना नहीं है। उनके मुताबिक हर पीढ़ी को अपनी कहानी कहने की नई सिनेमाई भाषा तलाशनी चाहिए। इसी सोच के साथ वे भागवत की कथाओं को आज की तकनीक और फिल्म निर्माण की आधुनिक शैली में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं।

छह साल तक समझी भागवत की कहानी

विदित है कि निर्माताओं के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर लंबे समय से काम चल रहा है। करीब छह वर्षों तक भागवत की कथाओं और उसके व्यापक स्वरूप को समझने के बाद इसे फिल्म के रूप में तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। निर्देशक जोड़ी का मानना है कि भागवत महापुराण की विशालता को देखते हुए इसे सामान्य फिल्म की तरह बनाना संभव नहीं है। इसलिए फिल्म का कैनवास भी बड़ा रखा गया है।

भव्य सेट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

फिल्म में बड़े स्तर के प्रोडक्शन डिजाइन और आधुनिक फिल्म निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माताओं की कोशिश धार्मिक ग्रंथ में वर्णित दुनिया को भव्य और प्रभावशाली दृश्य रूप देने की है। खास बात यह है कि फिल्म में भारतीय धार्मिक परंपराओं में दिखाई देने वाले ईश्वर के परिचित स्वरूपों और प्रतीकों को बनाए रखते हुए उन्हें आधुनिक सिनेमाई तकनीक से प्रस्तुत करने की योजना है।

2027 में सिनेमाघरों में दस्तक

फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और फिलहाल प्रोडक्शन का अंतिम चरण चल रहा है। ‘श्रीमद्भागवतम् पार्ट I: विष्णुरत’ को 2027 में दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। इसे विभिन्न प्रीमियम फॉर्मेट्स में भी दर्शकों तक पहुंचाने की योजना बताई गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रामानंद सागर की रामायण जैसी ऐतिहासिक विरासत के बाद उनके पोते भागवत महापुराण को बड़े पर्दे पर कितना भव्य और प्रभावशाली बना पाते हैं। पहली झलक सामने आने के बाद इस सात-भाग वाली गाथा को लेकर दर्शकों की उत्सुकता निश्चित रूप से बढ़ गई है।

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