नई दिल्ली: गर्मी और उमस बढ़ते ही घरों और ऑफिस में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। कई लोग एसी को लगातार चलाते हैं, लेकिन उसकी सर्विसिंग पर ध्यान नहीं देते। यही लापरवाही बाद में कम कूलिंग, ज्यादा बिजली खपत और महंगे रिपेयर की वजह बन सकती है। अगर आपका AC पहले की तरह ठंडा नहीं कर रहा, पानी टपका रहा है या अजीब आवाज कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
साल में कितनी बार कराएं AC की सर्विस?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आमतौर पर एसी की साल में कम से कम दो बार सर्विसिंग कराने की सलाह दी जाती है। पहली सर्विस गर्मी शुरू होने से पहले कराना बेहतर रहता है। लंबे समय तक बंद रहने के दौरान एसी के फिल्टर और अंदरूनी हिस्सों में धूल जमा हो सकती है। दूसरी सर्विस सितंबर-अक्टूबर के आसपास कराई जा सकती है। मानसून के बाद एसी के अंदर नमी, गंदगी और फंगस जमा होने की संभावना बढ़ जाती है। सर्दियों में एसी को लंबे समय के लिए बंद करने से पहले इसकी सफाई करा देना बेहतर होता है। हालांकि सर्विसिंग का अंतराल एसी के इस्तेमाल, कमरे की धूल और आसपास के वातावरण पर भी निर्भर करता है। अगर एसी रोजाना कई घंटे चलता है, तो उसे अधिक बार साफ करने की जरूरत पड़ सकती है।
इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
गौरतलब है कि अगर आपका एसी निम्न में से कोई संकेत दे रहा है तो सर्विसिंग या तकनीकी जांच जरूर कराएं—
एसी पहले की तुलना में कम ठंडा कर रहा है।
कमरे को ठंडा करने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है।
एसी से पानी टपक रहा है।
बिजली का बिल अचानक बढ़ गया है।
एसी बार-बार अपने आप बंद हो रहा है।
यूनिट से असामान्य आवाज या बदबू आ रही है।
इनमें से कुछ समस्याएं सिर्फ गंदे फिल्टर की वजह से हो सकती हैं, जबकि कुछ मामलों में ड्रेनेज, फैन, इलेक्ट्रिकल पार्ट या रेफ्रिजरेंट से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
सर्विसिंग में क्या-क्या होता है?
एसी की सामान्य सर्विसिंग के दौरान फिल्टर और अंदरूनी हिस्सों की सफाई की जाती है। जरूरत के अनुसार कॉइल और ड्रेनेज सिस्टम की भी जांच की जाती है। तकनीशियन एसी की कूलिंग और रेफ्रिजरेंट सिस्टम की जांच कर सकता है। यदि वास्तव में रेफ्रिजरेंट कम है या कहीं लीकेज है, तो पहले उसकी वजह पता करना जरूरी है। सिर्फ गैस भरवा देना हर बार समाधान नहीं होता। अगर लीकेज है तो गैस दोबारा कम हो सकती है।
सर्विसिंग न कराने पर क्या नुकसान?
विदित है कि समय पर सफाई न होने से एसी के फिल्टर में धूल जमा होकर एयरफ्लो प्रभावित कर सकती है। इससे कूलिंग कम हो सकती है और एसी को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इसका असर बिजली की खपत पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक गंदगी और खराब एयरफ्लो की समस्या बनी रहने पर एसी के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और छोटी समस्या आगे चलकर महंगे रिपेयर में बदल सकती है।
घर पर भी करें ये छोटा काम
सर्विसिंग के अलावा यूजर खुद भी एसी के फिल्टर की नियमित सफाई कर सकता है। खासकर धूल वाले इलाकों में फिल्टर जल्दी गंदे होते हैं। हालांकि अंदरूनी हिस्सों की गहरी सफाई या तकनीकी खराबी की जांच के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन की मदद लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, एसी की सर्विसिंग को केवल खराब होने के बाद कराया जाने वाला काम न समझें। गर्मी शुरू होने से पहले और मानसून के बाद सर्विसिंग कराने से एसी की कूलिंग और संचालन को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। समय पर छोटी देखभाल करने से अचानक खराबी और बड़े खर्च की संभावना भी कम हो सकती है।