विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ कैंची धाम बनेगा वैश्विक स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर!: ‘कुटिया’ जैसा मेडिटेशन सेंटर, शिप्रा नदी पर ‘ओम’ ग्लास ब्रिज समेत...मिलने वाली हाईटेक सुविधाएं_एक नज़र
विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ कैंची धाम बनेगा वैश्विक स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर!

नैनीताल : आस्था और आध्यात्म का प्रतीक कैंची धाम अब विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन के रूप में उभरने जा रहा है। नीब करौली बाबा की तपोभूमि में भक्तों के लिए समर्पित मेडिटेशन सेंटर, ‘ओम’ आकार का ग्लास ब्रिज, आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग, डिस्पेंसरी और हाईटेक सुविधाओं का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। कुल 17.59 करोड़ रुपये की लागत से समग्र विकास किया जा रहा है।

कुटिया जैसा मेडिटेशन सेंटर; 30 श्रद्धालु एक साथ कर सकेंगे ध्यान :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पर्यटन विभाग की भूमि पर, मंदिर परिसर से सटे क्षेत्र में करीब 900 वर्ग मीटर में मेडिटेशन सेंटर बन रहा है। इसका डिजाइन ‘हट/कुटिया’ के आकार में होगा। इसकी क्षमता एक समय में लगभग 30 साधक की होगी। यहाँ हरियाली और शांत परिवेश, एकाग्रता के अनुकूल रहेगा। अभी तक श्रद्धालु परिसर या पेड़ों के नीचे ध्यान करते थे, जहां भीड़ और आवाजाही से बाधा आती थी। नए केंद्र से उन्हें व्यवस्थित, सुरक्षित और शांत वातावरण मिलेगा।

‘ओम’ आकार का 36 मीटर ग्लास ब्रिज :

गौरतलब है कि शिप्रा नदी पर 36 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा कांच का पुल बनाया जा रहा है। इसका थीम स्टेट-ऑफ-द-आर्ट होगा। इसके फीचर्स में एंटी-स्लिप सतह, मजबूत रेलिंग, और व्यू-पॉइंट होगा। जून 2026 तक पूरा करना इसका लक्ष्य होगा। पुल से गुजरते समय नीचे बहती शिप्रा और घाटी का दृश्य भक्तों को आध्यात्म और रोमांच का अनोखा अनुभव देगा। यह कार्य मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत हो रहा है।

340 पाइलों वाली (G+3) मल्टीलेवल पार्किंग :

विदित है कि भीड़ प्रबंधन और यातायात सुधार के लिए (G+3) मल्टीलेवल पार्किंग बन रही है। 340 पाइल और 89 कॉलम पूरे हो गए हैं। ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। इसका कुल भौतिक प्रगति लगभग 45% है। त्योहारों और स्थापना दिवस (15 जून) पर लाखों श्रद्धालुओं की आमद को देखते हुए यह सुविधा बड़ी राहत देगी।

डिस्पेंसरी, पाथवे और हाईटेक सुविधाएं :

●डिस्पेंसरी: आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार

●पाथवे: सुव्यवस्थित आवागमन

●हाईटेक शौचालय और पुलिस चौकी: सुरक्षा व स्वच्छता

इन सुविधाओं से दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

CBDD योजना के तहत समग्र विकास :

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की चैलेंज बेस्ड डिवोशनल डेस्टिनेशन (CBDD) योजना के तहत कैंची धाम का उन्नयन हो रहा है। इसका उद्देश्य आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

आस्था की विरासत :

कैंची धाम की स्थापना 1960 के दशक में नीम करौली बाबा ने की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। यहां एप्पल के सह-संस्थापक Steve Jobs, मेटा के संस्थापक Mark Zuckerberg और क्रिकेट स्टार Virat Kohli जैसी हस्तियां भी आ चुकी हैं।

मेडिटेशन सेंटर से लेकर ‘ओम’ ग्लास ब्रिज और मल्टीलेवल पार्किंग तक; कैंची धाम का कायाकल्प इसे विश्वस्तरीय स्पिरिचुअल टूरिज्म सेंटर की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। आस्था, आधुनिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम आने वाले समय में उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे सकता है।

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