यूपी-राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत में मानसून का जबरदस्त आगाज़!: हरियाणा में येलो अलर्ट, दिल्ली में 4 साल बाद जुलाई में मानसून तो वहीं उत्तराखंड में...देखें पाँचों राज्यों के मानसून को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट और एडवाइजरी_एक नज
यूपी-राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत में मानसून का जबरदस्त आगाज़!

नई दिल्ली/लखनऊ : देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा तक बारिश का दौर जारी है। कहीं झमाझम बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रही है तो कहीं भारी वर्षा, तेज हवाओं और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली में 4 साल बाद जुलाई में पहुंचा मानसून

आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग पांच दिन की देरी से पहुंचा है। वर्ष 2021 के बाद पहली बार मानसून ने जुलाई में दस्तक दी है। मौसम विभाग के अनुसार 26 वर्षों में यह 13वीं बार है, जब मानसून जुलाई महीने में दिल्ली पहुंचा है। मानसून के आगमन के साथ राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 3 से 8 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश, बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

यूपी में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 44 जिलों में अलर्ट

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मानसून ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। गुरुवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मिर्जापुर के चुनार में सबसे अधिक 120 मिमी, आजमगढ़ में 114.6 मिमी और संभल में 104 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वाराणसी, बिजनौर, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी और सुल्तानपुर सहित कई जिलों में भी झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, वाराणसी, कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर समेत 44 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 5 जुलाई से पूरे प्रदेश में फिर व्यापक बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

राजस्थान में भी आखिरकार पहुंचा मानसून

लगभग सात दिन की देरी के बाद मानसून ने राजस्थान में भी दस्तक दे दी है। फिलहाल इसकी उत्तरी सीमा टोंक, जयपुर और अलवर तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे राज्य में फैल जाएगा। जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।

उत्तराखंड में बारिश बनी आफत

विदित है कि उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह मलबा और बड़े पत्थर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर कई स्थानों पर यात्रियों को अस्थायी रूप से रोका गया। मौसम विभाग ने नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में येलो अलर्ट लागू है।

हरियाणा में भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

हरियाणा में मानसून सक्रिय होने के बावजूद कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। आने वाले तीन दिनों में अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम की जानकारी लेते हुए खेतों में काम करने की सलाह दी गई है।

लगातार सक्रिय हो रहे मानसून से जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा।

अन्य खबरे