मानसून से पहले भीषण गर्मी से झूलस रहे, उत्तर भारत में राहत की खबर!: देश के लगभग 90% हिस्से में प्री-मानसून बारिश के आसार, वहीं इन जगहों पर तो तूफान और ओलों का भी अलर्ट, इस दिन हो रही हैं प्री-मानसून की एंट्री?
मानसून से पहले भीषण गर्मी से झूलस रहे, उत्तर भारत में राहत की खबर!

नई दिल्ली : भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू से परेशान देशवासियों के लिए अब राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग और अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 मई से 5 जून के बीच भारत के करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्से में प्री-मानसून बारिश हो सकती है। माना जा रहा है कि यह बारिश उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में तपती धरती को राहत दे सकती है।

हालांकि दूसरी तरफ मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंच पाया है। मौसम विभाग ने पहले 26 मई तक मानसून के प्रवेश का अनुमान जताया था, लेकिन अरब सागर में बने चक्रवाती सिस्टम और कमजोर नमी की वजह से मानसून फिलहाल अटक गया है।

बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि उत्तर प्रदेश का बांदा एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। यहां तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार नौवें दिन बांदा में पारा 47 डिग्री के पार दर्ज किया गया। यूपी के कई जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। इनमें शामिल हैं—

  • उरई – 45.8°C

  • झांसी – 45.5°C

  • प्रयागराज – 45.4°C

  • आगरा – 45.3°C

  • हमीरपुर – 45.2°C

सड़कों पर दोपहर में सन्नाटा दिखाई दिया और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर रहे।

राजस्थान और महाराष्ट्र भी आग की चपेट में

गौरतलब है कि राजस्थान में श्रीगंगानगर 47°C तापमान के साथ देश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। वहीं बीकानेर, फलोदी और जैसलमेर में भी पारा 45 से 46 डिग्री के बीच बना रहा। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी का कहर जारी है—

  • ब्रह्मपुरी – 46.6°C

  • चंद्रपुर – 46.4°C

  • वर्धा – 46°C

  • नागपुर – 45.5°C

हरियाणा के सिरसा और रोहतक में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया।

जानें क्यों अटका मानसून?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून केरल पहुंचने से पहले अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी जुटाता है। लेकिन इस बार दक्षिण-मध्य अरब सागर में बने चक्रवाती सर्कुलेशन की वजह से बादल कमजोर पड़ गए हैं। मानसून की आधिकारिक एंट्री के लिए केरल के 14 तय मौसम स्टेशनों पर लगातार दो दिन कम से कम 2.5 मिलीमीटर बारिश जरूरी होती है। फिलहाल यह स्थिति पूरी तरह नहीं बन पाई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है।

29 मई से बदलेगा मौसम

विदित है कि यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) ने अगले 15 दिनों का जो मौसम मॉडल जारी किया है, उसमें भारत के बड़े हिस्से में बारिश के संकेत दिखाई दे रहे हैं। विशेष रूप से इन इलाकों में बारिश की संभावना ज्यादा बताई गई है—

  • दक्षिण भारत

  • पूर्वोत्तर भारत

  • पूर्वी भारत

  • बंगाल की खाड़ी से लगे राज्य

इसके अलावा उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी आंधी और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आ सकती है।

कई राज्यों में तूफान और ओलों का अलर्ट

मौसम विभाग ने 28 और 29 मई के लिए कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।

हीटवेव अलर्ट

  • राजस्थान

  • दिल्ली

  • हरियाणा

  • यूपी

  • छत्तीसगढ़

  • ओडिशा

  • तेलंगाना

आंधी-बारिश और ओले

  • पंजाब

  • हरियाणा

  • दिल्ली-NCR

  • हिमाचल प्रदेश

  • जम्मू-कश्मीर

इन इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।

राजस्थान और यूपी को जल्द राहत

आपको बता दें कि राजस्थान में 28 मई से बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से 24 घंटे बाद मौसम बदलने की संभावना है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे तापमान में 3 से 7 डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

गर्मी अब सिर्फ तापमान नहीं, बड़ा खतरा बन चुकी

विशेषज्ञों का कहना है कि अब समस्या केवल बढ़ते तापमान तक सीमित नहीं है। बढ़ती उमस, गर्म रातें, कंक्रीट वाले शहर, कम हरियाली और जलवायु परिवर्तन मिलकर हीटवेव को पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक बना रहे हैं।

ऐसे में आने वाली प्री-मानसून बारिश लोगों को राहत तो दे सकती है, लेकिन मौसम का यह बदलता पैटर्न भविष्य के लिए भी बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

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