गर्मी से परेशान लोगों के लिये बड़ी खुशखबरी!: इन 5 वजहों से इस बार तय समय से पहले आएगा मानसून, IMD के संकेतों ने बढ़ाई उम्मीदें, इन राज्यों को होगा सबसे ज्यादा फायदा, वहीं किसानों...मानसून पूर्वनुमान_एक नज़र
गर्मी से परेशान लोगों के लिये बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली: देश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है, उत्तर से लेकर मध्य भारत तक तापमान 43-44 डिग्री के पार जा चुका है। लेकिन इसी तपती जमीन पर अब राहत की बूंदों की आहट सुनाई देने लगी है। India Meteorological Department और अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल्स के ताजा संकेतों ने बड़ा दावा किया है कि इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे सकता है।

जानें कब आएगा मानसून? तारीखों ने बढ़ाया उत्साह

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक:

•अंडमान-निकोबार में मानसून: 18 से 25 मई के बीच

•दक्षिण भारत (केरल तट): 25 मई के आसपास

इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में आगे बढ़ेगा। आमतौर पर मानसून जून की शुरुआत में केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार कुछ दिन पहले ही बारिश की शुरुआत संभव मानी जा रही है।

क्यों जल्दी आ सकता है मानसून? समझिए 5 बड़े कारण

1. समुद्र से उठ रहीं नमी भरी तेज हवाएं

आपको बता दें कि हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी हवाएं पहले से ज्यादा सक्रिय हो रही हैं।
यही हवाएं मानसून को “खींचकर” भारत की ओर लाती हैं।

2. अंडमान के पास बन सकता है ट्रॉपिकल सिस्टम

गौरतलब है कि मौसम मॉडल्स के अनुसार 20–40% संभावना है कि एक ट्रॉपिकल सिस्टम बने। इससे बारिश की प्रक्रिया तेज होगी। मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है

3. IOD (इंडियन ओशन डाइपोल) दे रहा साथ

इंडियन ओसियन डायपोल अगर पॉजिटिव रहता है तो भारत की ओर ज्यादा नमी आती है। मानसून मजबूत और सक्रिय होता है। इस साल इसके अनुकूल रहने के संकेत हैं।

4. ज्यादा गर्मी भी बनी वजह

विदित है कि अप्रैल से ही रिकॉर्ड गर्मी पड़ रही है। जमीन और समुद्र का तापमान तेजी से बढ़ा है। इससे हवा का दबाव बदला और नमी वाली हवाएं जल्दी सक्रिय हो गईं। यानी गर्मी ही मानसून को जल्दी खींच सकती है।

5. दक्षिण भारत में ज्यादा बारिश के संकेत

आपको बता दें कि मई के आखिर में ही केरल, तमिलनाडु में अच्छी बारिश यानी सामान्य से 30–60 मिमी ज्यादा वर्षा की संभावना है।

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

1. किसानों के लिए राहत

समय पर बुवाई शुरू होगी

फसल चक्र बेहतर रहेगा

2. आम जनता को गर्मी से राहत

हीटवेव से राहत मिलेगी

पानी संकट कम हो सकता है

3. अर्थव्यवस्था को सहारा

कृषि उत्पादन बेहतर

ग्रामीण बाजार में तेजी

लेकिन सावधानी भी जरूरी

गौरतलब है कि मौसम वैज्ञानिक साफ कहते हैं अभी ये संकेत (prediction) हैं, अंतिम पुष्टि नहीं। समुद्री हालात बदलते ही टाइमिंग बदल सकती है

भीषण गर्मी के बीच यह खबर किसी राहत से कम नहीं, अगर अनुमान सही निकले, तो इस साल मानसून तय समय से पहले दस्तक देकर देश को जल्दी राहत दे सकता है।

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