9 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं भारत के ये 10 मंदिर!: तिरुपति बालाजी की दौलत 100 देशों की GDP से भी ज्यादा, पद्मनाभस्वामी के पास 1500 टन सोना, तो वहीं राम मंदिर...भारत के टॉप 10 सबसे अमीर मंदिरों की सूची_एक नजर
9 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं भारत के ये 10 मंदिर!

धर्म/आस्था: भारत के मंदिर सिर्फ आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि अरबों-खरबों की संपत्ति के मालिक भी हैं। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 10 सबसे अमीर मंदिरों के पास मिलाकर 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इनमें से कुछ मंदिरों की दौलत इतनी विशाल है कि वह कई देशों की GDP से भी ज्यादा है।

टॉप-10 सबसे अमीर मंदिर (अनुमानित संपत्ति)

मंदिर; स्थान; अनुमानित संपत्ति

  1. तिरुपति बालाजी; आंध्र प्रदेश; ₹3.38 लाख करोड़
  2. पद्मनाभस्वामी मंदिर; केरल; ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा
  3. जगन्नाथ मंदिर पुरी; ओडिशा; ₹1.2 लाख करोड़
  4. श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या, यूपी; ₹6,000-8,000 करोड़
  5. स्वर्ण मंदिर अमृतसर, पंजाब ₹5,000 करोड़ (अनुमानित)
  6. काशी विश्वनाथ वाराणसी, यूपी ₹3,500 करोड़ (अनुमानित)
  7. शिरडी साईं बाबा; महाराष्ट्र; ₹3,000 करोड़ (अनुमानित)
  8. वैष्णो देवी; जम्मू-कश्मीर; ₹2,500 करोड़ (अनुमानित)
  9. सोमनाथ मंदिर; गुजरात; ₹2,000 करोड़ (अनुमानित)
  10. सिद्धिविनायक मुंबई, महाराष्ट्र; ₹1,500 करोड़ (अनुमानित)

तिरुपति बालाजी; दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल

आपको बता दें कि तिरुपति बालाजी मंदिर (TTD) ₹3.38 लाख करोड़ की चल-अचल संपत्ति के साथ दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धार्मिक स्थल है। आईएमएफ और विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, तिरुपति मंदिर की कुल संपत्ति साइप्रस, आइसलैंड, एस्टोनिया जैसे करीब 100 छोटे देशों की GDP से भी ज्यादा है।

** चढ़ावा:** यहां सामान्य और खास दिनों में औसतन ₹1 से 5 करोड़ तक का चढ़ावा आता है। 17 मार्च 2026 को एक ही दिन में ₹4.88 करोड़ का चढ़ावा मिला।

** सोना:** मंदिर के पास 11.3 टन सोना है, जो बैंकों में जमा है और जिस पर मंदिर को ब्याज मिलता है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर; प्राचीन खजाने का खजाना

गौरतलब है कि केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर प्राचीन खजाने के मामले में सबसे अमीर है। इसकी 99% संपत्ति ‘प्राचीन खजाने’ के रूप में है। इसमें सोने की मूर्तियां, सिक्के और हीरे शामिल हैं। कुल बाजार मूल्य ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा है। मंदिर सरकार और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है।

** सोना:** 1,500 टन (अनुमानित)

सोने के दाम ने बढ़ाई मंदिरों की दौलत

विदित है कि पिछले दो वर्षों में देश के तीन बड़े मंदिरों की संपत्ति में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसकी मुख्य वजह सोने के दामों में उछाल है:

मंदिर संपत्ति में बढ़ोतरी

तिरुपति बालाजी 35%

पद्मनाभस्वामी 100% (दोगुनी)

जगन्नाथ पुरी 50%

** सोने के दाम:** मार्च 2024 में ₹65,000 प्रति 10 ग्राम था जो कि अब बढ़कर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम हो गयी है।

इन मंदिरों के नकद दान में मात्र 10-12% की बढ़ोतरी हुई है।

जगन्नाथ पुरी; 60 हजार एकड़ जमीन का मालिक

आपको बता दें कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन है। यह जमीन ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में फैली हुई है। इसके अलावा, 6 अन्य राज्यों में भी मंदिर की 395 एकड़ जमीन है।

कुल संपत्ति: ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक।

सोना: 130 किलो

अयोध्या के राम मंदिर; रोजाना एक करोड़ का चढ़ावा

आपको बता दें कि पिछले दो वर्षों में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है।

•2023-24 में कुल आय: ₹376 करोड़ (औसतन रोजाना ₹1 करोड़)

•मुख्य परिसर: करीब 70 एकड़

•निर्माण लागत: अकेले मंदिर निर्माण में ₹1,800 करोड़ से अधिक

•कुल संपत्ति: ₹6,000-8,000 करोड़ के पार

•सोना: 50-60 किलो (अनुमानित)

मंदिरों में सोने का भंडार (किलो/टन में)

मंदिर सोना

पद्मनाभस्वामी मंदिर 1,500 टन
तिरुपति बालाजी 11.3 टन
वैष्णो देवी मंदिर 1.2 टन
स्वर्ण मंदिर 900 किलो
काशी विश्वनाथ 940 किलो
शिरडी साईं बाबा मंदिर 400 किलो
सिद्धिविनायक (मुंबई) 160 किलो
सोमनाथ मंदिर 160 किलो
जगन्नाथ मंदिर (पुरी) 130 किलो
श्रीराम मंदिर (अयोध्या) 60 किलो

भारत के मंदिर सिर्फ आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के अहम स्तंभ भी हैं। तिरुपति बालाजी की संपत्ति 100 देशों की GDP से ज्यादा है, जबकि पद्मनाभस्वामी मंदिर में 1500 टन सोना है। अयोध्या का राम मंदिर रोजाना करीब एक करोड़ रुपये का दान प्राप्त कर रहा है। सोने के बढ़ते दामों ने इन मंदिरों की दौलत को और भी बढ़ा दिया है। भारत के ये धार्मिक स्थल न सिर्फ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, बल्कि विशाल आर्थिक संपत्ति के मालिक भी हैं।

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