देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड अब आध्यात्मिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में नई उड़ान भरने की तैयारी कर रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। परिषद की 24वीं बोर्ड बैठक में प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थलों त्रियुगीनारायण मंदिर, कार्तिक स्वामी मंदिर और कैंचीधाम के लिए विशेष डेस्टिनेशन प्लान तैयार करने को हरी झंडी दी गई है। इन धार्मिक स्थलों पर आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
त्रियुगीनारायण बनेगा डेस्टिनेशन वेडिंग हब
आपको बता दें कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध रुद्रप्रयाग स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर को नई पहचान देने की तैयारी है। डेस्टिनेशन प्लान के तहत यहां डेस्टिनेशन वेडिंग से जुड़ी सुविधाओं को विकसित किया जाएगा, जिससे यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ विवाह पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बन सके।
कार्तिक स्वामी मंदिर में बढ़ेंगी सुविधाएं
गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान कार्तिकेय स्वामी मंदिर के लिए भी विशेष योजना तैयार होगी। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग ट्रेल, यात्रा मार्ग और अन्य तीर्थ सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
कैंचीधाम में बदलेगी तस्वीर, श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
विदित है कि बाबा नीब करौरी महाराज से जुड़े विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम को भी नए रूप में विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले लाखों भक्तों की सुविधा के लिए आगंतुक प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्त किया जाएगा, जो इन स्थलों के विकास की विस्तृत योजना तैयार करेगा।
गढ़वाल-कुमाऊं के 100 ट्रेकिंग रूट होंगे हाईटेक
उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 50-50 यानी कुल 100 ट्रेकिंग रूट की GPS आधारित मैपिंग कराई जाएगी। इन ट्रेकिंग मार्गों के लिए एक खास मोबाइल ऐप भी विकसित किया जाएगा। इससे ट्रेकर्स की सुरक्षा मजबूत होगी और प्रशासन को उनके मूवमेंट की जानकारी मिल सकेगी।
होम स्टे योजना में भी बड़ा बदलाव
ट्रेकिंग रूट के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना में मिलने वाली सहायता राशि भी बढ़ाई गई है। अब नए कक्ष के निर्माण के लिए मिलने वाला अनुदान 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाएगा। वहीं प्रति क्लस्टर अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मरम्मत अनुदान भी हुआ दोगुना
होम स्टे में कमरों की मरम्मत के लिए मिलने वाली राशि भी 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 10 से 15 प्रमुख ट्रेकिंग मार्गों पर सामुदायिक केंद्र भी बनाए जाएंगे।
देवभूमि को मिलेगा पर्यटन का नया मॉडल
सरकार की इस योजना से उत्तराखंड में धार्मिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। त्रियुगीनारायण, कार्तिक स्वामी और कैंचीधाम जैसे प्रसिद्ध स्थलों का विकास होने से न सिर्फ श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।