नई दिल्ली : देश में एलपीजी गैस को लेकर बढ़ती मांग और जमाखोरी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है। यानी एक बार सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर कम से कम 45 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा। यह जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला जमाखोरी और घबराहट में की जा रही बार-बार बुकिंग को रोकने के लिए लिया गया है।
शहर और गांव के लिए अलग नियम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए अब दो अलग-अलग नियम तय किए हैं:
शहरी क्षेत्रों में: कम से कम 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग
ग्रामीण क्षेत्रों में: कम से कम 45 दिन बाद ही बुकिंग
सरकार का कहना है कि कुछ इलाकों में लोग अफवाहों और डर के कारण जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे थे। इससे सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था।
बिना OTP के नहीं मिलेगी गैस
गौरतलब है कि सरकार ने गैस डिलीवरी को पारदर्शी बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली को भी और मजबूत करने का फैसला किया है। अब सिलेंडर की डिलीवरी तभी पूरी मानी जाएगी जब ग्राहक मोबाइल पर आए वन-टाइम कोड (OTP) से इसकी पुष्टि करेगा। फिलहाल यह सिस्टम करीब 50% उपभोक्ताओं पर लागू है, लेकिन इसे बढ़ाकर 90% तक लागू करने की योजना है। इससे फर्जी डिलीवरी और गैस की हेराफेरी पर रोक लगेगी।
कमर्शियल गैस पर भी सख्ती
विदित है कि सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर भी नया नियम लागू किया है। अब तेल कंपनियां कमर्शियल एलपीजी की औसत मासिक मांग का केवल 20% ही आवंटित करेंगी। इसका उद्देश्य होटल, रेस्टोरेंट और अन्य क्षेत्रों में होने वाली जमाखोरी और काला बाजारी को रोकना है।
5 दिन में 28% बढ़ा LPG उत्पादन
आपको बता दें कि सरकार ने बताया कि एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद पिछले पांच दिनों में एलपीजी उत्पादन में करीब 28% की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा विदेशों से अतिरिक्त एलपीजी खरीदने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता है कि देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों की रसोई में गैस की कमी न हो।
अस्पताल और स्कूल को प्राथमिकता
गौरतलब है कि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी की सप्लाई में अस्पतालों, स्कूलों और जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि किसी भी जरूरी सेवा पर असर न पड़े। इसके साथ ही इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है जो पूरे देश में सप्लाई और वितरण की निगरानी कर रही है।
सरकार ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। नए नियमों का मकसद केवल यह सुनिश्चित करना है कि हर घर तक गैस समय पर पहुंचे और कोई भी जमाखोरी करके सिस्टम को प्रभावित न कर सके।