नई दिल्ली : दिल्ली की पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं को दी जा रही मुफ्त बस यात्रा अब पहले जैसी आसान नहीं रहने वाली। राजधानी की पिंक सहेली बसों में फ्री सफर का फायदा अब वही महिलाएं उठा सकेंगी, जिनके आधार कार्ड पर दिल्ली का पता दर्ज होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि “फर्जी टिकट, बाहर से आकर फ्री सफर और सरकारी खजाने की लूट अब बंद होगी।” 2019 में शुरू हुई ये योजना पहली बार इतने बड़े बदलाव से गुज़रेगी।
क्या बदला? पिंक टिकट OUT, स्मार्ट कार्ड IN!
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक महिलाओं को बस में चढ़ते ही कंडक्टर पिंक पेपर टिकट देता था।
लेकिन दिल्ली सरकार के हिसाब से इससे लाखों फर्जी यात्राएं, गैर-लाभार्थियों की यात्रा, करोड़ों का अनावश्यक खर्च होता था। ये सब पिंक टिकट सिस्टम की खामियां थीं। इसीलिए अब स्मार्ट कार्ड आधारित इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। इन कार्डों को बस की इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर TAP करते ही आपका पूरा सफर रियल टाइम में रिकॉर्ड हो जाएगा।
कौन कर सकेगा फ्री सफर?
गौरतलब है कि अब दिल्ली में फ्री सफर सिर्फ वो महिलाएं ही कर सकेंगी जिनके आधार पर दिल्ली का पता होगा। बाकी महिलाओं को अब सामान्य किराया देना होगा। सरकार का कहना है कि इससेयोजना का दुरुपयोग रुकेगा और असली लाभार्थियों की सही संख्या पता चलेगी। और सरकारी खर्च का सही मूल्यांकन होगा। फिलहाल हर महीने लगभग 2 करोड़ महिलाएं दिल्ली में बसों से यात्रा करती हैं, लेकिन असली लाभार्थियों का आंकड़ा अस्पष्ट है। नया सिस्टम यह पहली बार स्पष्ट करेगा।
3 तरह के स्मार्ट कार्ड आएंगे; महिलाओं के लिए अलग कार्ड!
1. पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
12 वर्ष से ऊपर की सभी दिल्ली निवासी लड़कियों-महिलाओं के लिए।
2. स्पेशल स्मार्ट कार्ड
दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और वर्तमान बस पास धारकों के लिए।
3. जनरल स्मार्ट कार्ड
सभी यात्रियों के लिए; मेट्रो कार्ड जैसा रिचार्जेबल कार्ड।
कार्ड कहां बनेंगे?
विदित है कि कार्ड बनवाने के लिए सरकार शहरभर में स्पेशल काउंटर लगाएगी:
DM ऑफिस
SDM ऑफिस
DTC/क्लस्टर बस डिपो
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
कार्ड जारी करने और डेटा मैनेजमेंट का काम दो प्राइवेट एजेंसियों/बैंकों को दिया जाएगा।
कब से लागू?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक अगर तकनीकी तैयारी पूरी हो गई तो 14 जनवरी के बाद किसी भी दिन नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यानि “दिल्ली की बसों में फ्री यात्रा अब स्मार्ट कार्ड से ही होगी।”
दिल्ली सरकार के मुताबिक उसका यह फैसला फर्जीवाड़ा रोकने के साथ फर्जी यात्रियों की पहचान करके उन्हें अनधिकृत फायदा उठाने से रोकेगा जिससे इस फायदे का लाभ दिल्ली की जरूरतमंद महिला ही उठा सके।