लखनऊ: उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ को उत्तराखंड के नैनीताल और नेपाल सीमा से जोड़ने के लिए करीब 300 किलोमीटर लंबे गोमती एक्सप्रेसवे की योजना तैयार कर ली गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 13,670 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद लखनऊ से पहाड़ी इलाकों और नेपाल बॉर्डर तक का सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। यह परियोजना स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) प्रोजेक्ट और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का हिस्सा है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को सौंपी गई है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
आपको बता दें कि गोमती एक्सप्रेसवे बनने के बाद दुधवा नेशनल पार्क, हल्द्वानी, नैनीताल और उत्तराखंड के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके साथ ही नेपाल सीमा तक बेहतर सड़क संपर्क मिलने से व्यापार, पर्यटन और परिवहन गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। इससे स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
2027 से शुरू होगा निर्माण, 2036 तक लक्ष्य
गौरतलब है कि सरकार की योजना के मुताबिक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2027 में शुरू किया जाएगा और 2036 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल रूट फाइनल करने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की तैयारी चल रही है। परियोजना पूरी होने के बाद इसके आसपास के जिलों में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
लखनऊ को मिलेगा नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
इसी विजन प्लान के तहत लखनऊ में करीब 6,000 एकड़ भूमि पर एक नया अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 12,800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अमौसी एयरपोर्ट से बड़ा होगा रनवे
नए एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका 4.7 किलोमीटर लंबा रनवे होगा, जो मौजूदा अमौसी एयरपोर्ट के रनवे से काफी बड़ा होगा। इसके बनने के बाद लखनऊ से अमेरिका, यूरोप और अन्य दूरस्थ देशों के लिए सीधी उड़ानों का रास्ता खुल सकता है। वहीं वर्तमान चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आधुनिक कार्गो हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
एलडीए और राज्य सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे और नए एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को देश के प्रमुख परिवहन और आर्थिक केंद्रों में शामिल करेंगी। बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी से निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के लोगों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधाएं मिल सकेंगी।