नहाने का गलत तरीका छीन सकता हैं आपके त्वचा की नमी!: जानिए क्या ठंड में जरूरी होता हैं रोज नहाना? गर्म पानी से लेकर ज्यादा साबुन तक; डॉक्टर्स से जानिए कौन-सी 7 गलतियों से बचना हैं जरूरी
नहाने का गलत तरीका छीन सकता हैं आपके त्वचा की नमी!

लाइफस्टाइल : सुबह उठते ही नहाना चाहिए या रात को सोने से पहले? रोज नहाना जरूरी है या मौसम के हिसाब से आदत बदलनी चाहिए? ऐसे सवाल अक्सर लोगों के मन में आते हैं। कुछ लोग सुबह नहाकर दिन की शुरुआत करना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग दिनभर की थकान, पसीने और धूल-मिट्टी को साफ करने के लिए शाम को नहाते हैं। लेकिन सेहत के लिहाज से नहाने का सही समय क्या है और क्या गलत तरीके से नहाने पर त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, नहाने का कोई एक समय सभी लोगों के लिए सबसे अच्छा नहीं है। यह आपकी दिनचर्या, मौसम, शारीरिक गतिविधि और त्वचा की स्थिति पर निर्भर करता है।

सुबह नहाना बेहतर या शाम को?

आपको बता दें कि सुबह नहाने से शरीर में ताजगी महसूस होती है और नींद के बाद की सुस्ती कम हो सकती है। जो लोग ऑफिस, स्कूल या दूसरे कामों के लिए सुबह जल्दी निकलते हैं, उनके लिए सुबह नहाना सुविधाजनक रहता है। वहीं, दिनभर बाहर रहने, धूल-मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में आने या अधिक पसीना बहाने वाले लोगों के लिए शाम को नहाना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे शरीर पर जमा पसीना और गंदगी साफ हो जाती है। साल 2019 में स्लीप मेडिसिन रिव्यूज में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, सोने से एक से दो घंटे पहले गुनगुने पानी से नहाने से नींद आने में मदद मिल सकती है और नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। हालांकि, इसका लाभ व्यक्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

क्या रोज नहाना जरूरी है?

गौरतलब है कि इसका जवाब हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं है। गर्मी में अधिक पसीना आने, व्यायाम करने या गंदगी के संपर्क में रहने पर रोज नहाना उपयोगी है। ठंड के मौसम में कम पसीना आने पर नहाने की जरूरत अलग हो सकती है। हालांकि, शरीर के उन हिस्सों की नियमित सफाई जरूरी है, जहां पसीना और गंदगी ज्यादा जमा होती है। जरूरत से ज्यादा नहाना, बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल करना और बार-बार साबुन लगाना त्वचा की प्राकृतिक नमी कम कर सकता है।

नहाते समय न करें ये 7 गलतियां

  1. बहुत गर्म पानी से न नहाएं: इससे त्वचा रूखी हो सकती है और खुजली बढ़ सकती है।

  2. लंबे समय तक शॉवर न लें: जरूरत से ज्यादा देर तक नहाने से त्वचा की नमी कम हो सकती है।

  3. जरूरत से ज्यादा साबुन न लगाएं: कठोर साबुन त्वचा में रूखापन और जलन पैदा कर सकते हैं।

  4. त्वचा को जोर से न रगड़ें: इससे त्वचा में जलन और नुकसान हो सकता है।

  5. नहाने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें: खासकर रूखी त्वचा वाले लोग त्वचा हल्की नम रहने पर मॉइस्चराइजर लगा सकते हैं।

  6. गंदे तौलिये का इस्तेमाल न करें: तौलिये को नियमित रूप से धोएं और अच्छी तरह सुखाएं।

  7. गीले बालों के साथ तुरंत सोने से बचें: गीले बाल अधिक नाजुक हो सकते हैं और तकिये से रगड़ के कारण टूटने या उलझने की आशंका बढ़ सकती है। बाल सुखाकर सोना सुविधाजनक है, हालांकि गीले बालों में सोना अपने आप में किसी गंभीर बीमारी का कारण नहीं है।

ठंडे पानी से नहाएं या गुनगुने पानी से?

विदित है कि गर्मी में ठंडा या सामान्य तापमान का पानी राहत दे सकता है, जबकि गुनगुना पानी ठंड के मौसम में आरामदायक रहता है। बहुत ठंडे पानी से नहाना हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता, खासकर कुछ हृदय रोगियों के लिए अचानक ठंड का संपर्क परेशानी पैदा कर सकता है। व्यायाम के बाद सांस और शरीर का तापमान सामान्य होने दें। बुखार में भी आरामदायक गुनगुने पानी से नहाया जा सकता है, यदि तबीयत इसकी अनुमति दे।

सुबह या शाम; नहाने का वही समय बेहतर है, जो आपकी दिनचर्या और जरूरतों के अनुकूल हो। साफ-सफाई के साथ पानी का सही तापमान, कम समय तक नहाना और त्वचा की नमी बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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