एनर्जी ड्रिंक की लत से युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं स्वास्थ्य समस्याएँ!: तुरंत मिलती हैं फुर्ती लेकिन बेचैनी समेत शरीर में होते हैं ये बड़े दुष्प्रभाव? इन लोगों को बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानीयां
एनर्जी ड्रिंक की लत से युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं स्वास्थ्य समस्याएँ!

नई दिल्ली/स्वास्थ्य : पढ़ाई के दौरान नींद भगानी हो, जिम में ज्यादा एक्टिव रहना हो या देर रात तक काम करना हो, आजकल बड़ी संख्या में युवा एनर्जी ड्रिंक का सहारा लेते हैं। आकर्षक पैकेजिंग और तुरंत एनर्जी देने वाले दावों के कारण इन पेय पदार्थों की लोकप्रियता बढ़ी है। लेकिन जिस ड्रिंक को कई युवा थकान दूर करने का आसान तरीका समझते हैं, उसमें मौजूद कैफीन और अन्य उत्तेजक पदार्थ शरीर पर असर डाल सकते हैं। एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद कुछ समय के लिए व्यक्ति अधिक सतर्क और सक्रिय महसूस कर सकता है। इसकी मुख्य वजह कैफीन और दूसरे उत्तेजक पदार्थ होते हैं। हालांकि, यह शरीर की नींद, आराम और पौष्टिक भोजन से मिलने वाली वास्तविक ऊर्जा का विकल्प नहीं है। CDC के अनुसार एनर्जी ड्रिंक्स में आमतौर पर कैफीन, अतिरिक्त शुगर और कुछ अन्य उत्तेजक तत्व हो सकते हैं।

आखिर एनर्जी ड्रिंक में ऐसा क्या होता है?

आपको बता दें कि अलग-अलग ब्रांड और उत्पादों में सामग्री अलग हो सकती है, लेकिन एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन प्रमुख घटकों में से एक होता है। कुछ उत्पादों में ग्वाराना और टॉरिन जैसे अन्य तत्व भी मिलाए जाते हैं। कैफीन दिमाग और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे थोड़े समय के लिए जागरूकता और सक्रियता बढ़ सकती है। लेकिन अधिक कैफीन लेने पर इसका उल्टा असर भी हो सकता है। तेज धड़कन, बेचैनी, घबराहट, नींद में परेशानी और कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ना जैसे प्रभाव सामने आ सकते हैं। FDA भी बच्चों और किशोरों के लिए कैफीन और एनर्जी ड्रिंक को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देता है।

रोजाना पीने पर क्या हो सकता है?

गौरतलब है कि अगर कोई युवा रोजाना एनर्जी ड्रिंक का सेवन करता है, तो सबसे पहले उसकी नींद प्रभावित हो सकती है। रात में देर तक जागने के कारण अगले दिन थकान बढ़ सकती है और व्यक्ति फिर से एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर होने लगता है। इसके अलावा, कई एनर्जी ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी भी होती है। नियमित रूप से अधिक चीनी और कैलोरी का सेवन वजन बढ़ने तथा दांतों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। कैफीन की आदत पड़ने के बाद अचानक सेवन कम करने पर कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन या ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है।

युवाओं के लिए क्यों ज्यादा चिंता?

बच्चों और किशोरों के लिए मामला और गंभीर माना जाता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने बच्चों और किशोरों के आहार में एनर्जी ड्रिंक के कैफीन और अन्य stimulants को उचित नहीं माना है। युवाओं के लिए पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और पानी शरीर को स्वस्थ रखने के ज्यादा भरोसेमंद आधार हैं। जिम या खेल के दौरान एनर्जी ड्रिंक को पानी या सामान्य हाइड्रेशन का विकल्प समझना भी सही नहीं है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

गौरतलब है कि जिन लोगों को कैफीन लेने के बाद धड़कन तेज होने, बेचैनी या नींद की समस्या होती है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद सीने में दर्द, बहुत तेज या अनियमित धड़कन, चक्कर, बेहोशी या गंभीर परेशानी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

यानी एनर्जी ड्रिंक से मिलने वाली फुर्ती को सेहत की असली ऊर्जा समझना सही नहीं है। खासकर युवाओं में इसका नियमित या अधिक सेवन चिंता का विषय बन सकता है।

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