43 के हुए साउथ सुपरस्टार जूनियर NTR; दादा 3 बार CM, पिता भी थे बड़े नेता!: 18 साल की उम्र में बने...एक फैन की मौत के बाद पूरे परिवार को लिया गोद, तो वहीं मात्र 8 साल में...यादगार फिल्मी सफर_एक नजर
43 के हुए साउथ सुपरस्टार जूनियर NTR; दादा 3 बार CM, पिता भी थे बड़े नेता!

मनोरंजन/टॉलीवुड : साउथ सिनेमा के पावरहाउस अभिनेता जूनियर एनटीआर आज सिर्फ टॉलीवुड नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। दमदार अभिनय, जबरदस्त डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले जूनियर एनटीआर की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। एक तरफ राजनीति और सिनेमा का सबसे ताकतवर परिवार, दूसरी तरफ निजी जिंदगी के ऐसे दर्दनाक हादसे जिन्होंने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया। कभी वजन और लुक्स को लेकर ट्रोल हुए, कभी मौत के मुंह से लौटे, तो कभी पिता और भाई की मौत के सदमे में टूट गए। लेकिन फिर ऐसा कमबैक किया कि पूरी दुनिया “नाटू-नाटू” पर झूम उठी। उनके 43वें जन्मदिन पर जानते हैं संघर्ष, स्टारडम और दर्द से भरी उनकी जिंदगी की कहानी…

दादा थे साउथ के भगवान, 3 बार बने मुख्यमंत्री

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि N. T. रामा राव सिर्फ तेलुगु फिल्मों के सुपरस्टार नहीं थे, बल्कि आंध्र प्रदेश की राजनीति के सबसे बड़े चेहरों में गिने जाते थे। उन्होंने तेलुगु देसम पार्टी की स्थापना की और तीन बार मुख्यमंत्री बने। राम, कृष्ण और कर्ण जैसे किरदार निभाकर उन्होंने लोगों के दिलों में देवता जैसी जगह बना ली थी। यही वजह थी कि उनका परिवार धीरे-धीरे आंध्र प्रदेश का सबसे प्रभावशाली फिल्मी-राजनीतिक परिवार बन गया।

पिता सुपरस्टार और नेता, परिवार में था दबदबा, कैसे मिला Jr. NTR नाम?

गौरतलब है कि जूनियर एनटीआर के पिता नंदमुरी हरिकृष्णा फिल्मों के साथ राजनीति में भी बेहद लोकप्रिय थे। चुनावी सभाओं में उनकी एंट्री पर भारी भीड़ उमड़ती थी। हरिकृष्ण की दूसरी शादी से जन्मे जूनियर एनटीआर को शुरुआत में परिवार ने पूरी तरह स्वीकार नहीं किया था। लेकिन पोते को देखने के बाद दादा एनटीआर ने खुद उन्हें अपना नाम दिया। यहीं से वह “नंदामूरी तारक रामा राव” यानी जूनियर एनटीआर कहलाए। परिवार में उन्हें प्यार से “तारक” कहा जाता है।

8 साल की उम्र में कैमरे के सामने, 13 में नेशनल अवॉर्ड

विदित है कि जूनियर एनटीआर ने महज 8 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रख दिया था। उनकी पहली फिल्म थी “ब्रह्मऋषि विश्वामित्र”, जिसे उनके दादा ने ही निर्देशित किया था। इसके बाद फिल्म “रामायणम्” में उन्होंने भगवान श्रीराम का किरदार निभाया। उस समय उनकी उम्र करीब 13-14 साल थी। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला और छोटी उम्र में ही वह चर्चा में आ गए। तब इंडस्ट्री को एहसास हो गया था कि यह बच्चा आगे चलकर बड़ा स्टार बनेगा।

18 साल की उम्र में बने मास हीरो

2001 में जूनियर एनटीआर ने बतौर लीड हीरो फिल्मों में एंट्री की। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली S. S. Rajamouli की फिल्म “स्टूडेंट नंबर 1” से। यहीं से राजामौली और जूनियर एनटीआर की जोड़ी बन गई, जिसने बाद में “सिम्हाद्री”, “यमदोंगा” और “RRR” जैसी ब्लॉकबस्टर दीं।

10 लाख फैंस पहुंचे, सरकार को चलानी पड़ी ट्रेनें!

गौरतलब है कि 2003 में फिल्म “अंधरावाला” के ऑडियो लॉन्च में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने टॉलीवुड इतिहास बदल दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यक्रम में करीब 10 लाख लोग पहुंच गए थे। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सरकार को स्पेशल ट्रेनें चलानी पड़ीं। तब जूनियर एनटीआर की उम्र सिर्फ 20-21 साल थी। इतनी कम उम्र में ऐसा स्टारडम बेहद दुर्लभ माना गया।

मोटापे पर उड़ाया गया मजाक, फिर खुद को बदल डाला

करियर के शुरुआती दौर में जूनियर एनटीआर को उनके वजन और लुक्स को लेकर काफी ट्रोल किया गया। फिल्म “राखी” के दौरान उनका वजन करीब 100 किलो तक पहुंच गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने जबरदस्त फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन किया और “यमदोंगा” में नए अवतार में नजर आए। बाद में “अरविंद समेथा” में 6 पैक एब्स दिखाकर सभी को चौंका दिया।

चुनाव प्रचार से लौटते वक्त मौत के करीब पहुंचे

2009 में जूनियर एनटीआर तेलुगु देसम पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ रही थी। इसी दौरान नलगोंडा के पास उनकी कार का भयानक एक्सीडेंट हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि वह SUV से बाहर जा गिरे। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनकी जान बच सकी। इस हादसे के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली।

100 करोड़ की शादी, 1 करोड़ की साड़ी

2011 में जूनियर एनटीआर ने लक्ष्मी प्रणथी से शादी की। यह उस दौर की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में गिनी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी में करीब 100 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। 18 करोड़ का भव्य मंडप, भारी सुरक्षा व्यवस्था, राजनीति, बिजनेस और फिल्मी दुनिया की बड़ी हस्तियां, दुल्हन की 1 करोड़ की कांजीवरम साड़ी इन सबने शादी को सुर्खियों में ला दिया।

भाई और पिता की मौत ने अंदर तक तोड़ दिया

आपको बता दें कि 2014 में जूनियर एनटीआर के बड़े भाई जानकी राम की सड़क हादसे में मौत हो गई। चार साल बाद 2018 में उनके पिता हरिकृष्ण भी सड़क दुर्घटना में दुनिया छोड़ गए। दोनों हादसों की समानता ने जूनियर एनटीआर को मानसिक रूप से तोड़ दिया। पिता के अंतिम संस्कार में वह इतने सदमे में थे कि खुद मुखाग्नि तक नहीं दे सके। परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक, वह लंबे समय तक ट्रॉमा में रहे और फिल्मों से दूरी बना ली।

फिर आया “RRR”… और दुनिया ने देखा नया तूफान

2022 में जूनियर एनटीआर ने RRR से ऐसा कमबैक किया कि पूरी दुनिया उनकी फैन हो गई। फिल्म में निभाया गया “कोमारम भीम” का किरदार ग्लोबल लेवल पर छा गया। फिल्म का गाना नाटु-नाटु ऑस्कर जीतकर इतिहास बना गया और जूनियर एनटीआर इंटरनेशनल स्टार बन गए।

फैन की मौत के बाद परिवार को गोद लिया

विदित है कि जूनियर एनटीआर सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि दरियादिल इंसान भी माने जाते हैं। 2013 में एक फिल्म इवेंट के दौरान भगदड़ में उनके एक फैन की मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने परिवार को आर्थिक मदद दी और उनकी जिम्मेदारी उठाई। आज भी वह उस परिवार का ख्याल रखते हैं।

लग्जरी कारों का शौक, हर नंबर ‘999’

जूनियर एनटीआर को नंबर 9 बेहद पसंद है। यही वजह है कि उनकी ज्यादातर कारों के नंबर “999” होते हैं। उनके पास Lamborghini Urus, रेंज रोवर, जैसी लग्जरी गाड़ियां हैं।

इतने बड़े राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद जूनियर एनटीआर ने अभी तक सक्रिय राजनीति में एंट्री नहीं की है। उन्होंने कई इंटरव्यू में कहा है कि राजनीति बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और फिलहाल उनका पूरा फोकस फिल्मों पर है। लेकिन फैंस आज भी उन्हें भविष्य का बड़ा राजनीतिक चेहरा मानते हैं।

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