मशहूर कामेडियन राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर!: फ़िल्म बनाने....जानें वो वजह जिसने पहुंचाया जेल_एक नजर
मशहूर कामेडियन राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया सरेंडर!

नई दिल्ली/बॉलीवुड : हिंदी फिल्मों में अपनी मासूम कॉमिक टाइमिंग से हंसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। वर्षों पुराने कर्ज के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उन्होंने गुरुवार शाम करीब 4 बजे तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। मामला किसी नई फिल्म या विवादित बयान का नहीं, बल्कि उनकी खुद की बनाई फिल्म से जुड़ा है वही फिल्म जिसने उन्हें निर्देशक बनाया और अंततः अदालत तक पहुंचा दिया।

कहानी की शुरुआत; जब अभिनेता बने निर्देशक :

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि साल 2010 में राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म “अता पता लापता” बनाने का फैसला किया। फिल्म बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। उम्मीद थी फिल्म चलेगी और पैसा लौट जाएगा। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई। यहीं से असली मुश्किल शुरू हुई।

कर्ज, चेक और बाउंस; मामला बन गया आपराधिक :

विदित है कि फिल्म के घाटे के बाद राजपाल यादव कर्ज नहीं चुका पाए। उन्होंने कंपनी को कई चेक दिए लेकिन सभी बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस किया। आरोप लगाया कि पैसा लौटाने का वादा निभाया नहीं गया। निचली अदालत ने अभिनेता को दोषी मानते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई।

कोर्ट ने दिए कई मौके; हर बार टूटा भरोसा :

गौरतलब है कि मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो राहत मिल गई लेकिन शर्त के साथ कि पैसा लौटाना होगा, बताया जाता है कि कई बार समझौते हुए, कई बार भुगतान का वादा किया गया लेकिन समय पर रकम जमा नहीं हुई। कोर्ट ने इसे “भरोसे का उल्लंघन” माना।

आखिरकार कोर्ट की सख्ती; तिहाड़ में सरेंडर :

2 फरवरी 2026 को अदालत ने अंतिम आदेश दिया कि अब कोई राहत नहीं, सरेंडर करो। अभिनेता ने और समय मांगा कहा 50 लाख की व्यवस्था कर ली है लेकिन अदालत ने मोहलत देने से इनकार कर दिया। और फिर उसके बाद गुरुवार शाम 4 बजे राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया अब जेल की प्रक्रिया लागू होगी, सजा का पालन करना होगा।

अब आगे क्या होगा?

गौरतलब है कि अब राजपाल यादव को जेल के मानक प्रक्रिया के तहत रखा जाएगा। उन्हें 6 महीने की सजा काटनी होगी, जब तक कि उच्च न्यायालय में कोई नया आदेश नहीं आता। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अब वे जमानत के लिए फिर से आवेदन कर सकते हैं, लेकिन यह न्यायालय के विवेक पर होगा।

राजपाल यादव का करियर और यह झटका :

विदित है कि राजपाल यादव बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन अभिनेता रहे हैं, जिन्होंने 'वेलकम', 'भूतनाथ', 'चश्मे बद्दूर' जैसी कई हिट फिल्मों में दर्शकों को हंसाया है। हालांकि, निर्देशक के रूप में उनकी पहली और एकमात्र फिल्म ने उनके लिए कानूनी मुसीबतों का पिटारा खोल दिया। यह मामला कलाकारों की वित्तीय अनियमितताओं और कानूनी प्रतिबद्धताओं पर सवाल खड़ा करता है।

यह मामला सिर्फ एक अभिनेता की कानूनी परेशानी नहीं, बल्कि बड़ा संदेश भी है कि नाम, शोहरत और लोकप्रियता अदालत में काम नहीं आती कानून सबके लिए बराबर है। जिस कलाकार ने पर्दे पर लाखों चेहरों पर मुस्कान लाई, आज वही खुद अदालत के आदेश के आगे बेबस नजर आया।

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