लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन सरकार ने पहली बार राज्य की विस्तृत आर्थिक समीक्षा पेश कर दी। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जब सदन में आंकड़े रखे, तो तस्वीर साफ दिखी कि यूपी अब सिर्फ आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती आर्थिक ताकत बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में निवेश, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी है।
13 लाख करोड़ से 30 लाख करोड़… अब 36 लाख करोड़ का लक्ष्य :
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि आर्थिक समीक्षा के अनुसार यूपी की अर्थव्यवस्था 2016–17 में ₹13.30 लाख करोड़ की थीं। जो कि 2024–25 तक रिकॉर्ड ₹30.25 लाख करोड़ होगा। अब 2025–26 का अनुमान ₹36 लाख करोड़ है। यानि करीब दोगुने से ज्यादा विस्तार हुआ है और सरकार का दावा है कि यूपी देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत स्थान बना चुका है।
प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक छलांग :
गौरतलब है कि इस दौरान सबसे अहम आंकड़ा आम आदमी की कमाई का है
2016–17: ₹54,564
2024–25: ₹1,09,844
2025–26 अनुमान: ₹1,20,000
पहली बार लंबे समय से चली आ रही गिरावट का ट्रेंड टूटा और आय लगभग दोगुनी हो गई। राष्ट्रीय औसत से अंतर भी कम हुआ है जो कि 50% से बढ़कर 53.5% तक पहुंच गया है।
निवेशकों का बदला भरोसा; 50 लाख करोड़ के प्रस्ताव :
विदित है कि कभी निवेश से दूर रहने वाला यूपी अब इंडस्ट्री हब बनने की ओर है। सरकार के अनुसार प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्ताव मिले। ‘ट्रिपल एस’ मॉडल यानी Safety, Stability, Speed से माहौल बदला।
अर्थव्यवस्था अब सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं :
GSDP में योगदान (2024-25):
कृषि: 25.8%
उद्योग: 27.2%
सेवा क्षेत्र: 47%
मतलब यूपी अब बहु-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था बन चुका है।
बजट और सरकारी खर्च में बड़ा उछाल :
2016–17 बजट: ₹3.47 लाख करोड़
2025–26 अनुमान: ₹8.33 लाख करोड़
साथ ही पूंजीगत खर्च भी बढ़ा:
₹69.79 हजार करोड़ से ₹147.72 हजार करोड़
इसका असर सड़क, एक्सप्रेसवे, उद्योग और रोजगार पर बताया गया है।
कर राजस्व और वित्तीय अनुशासन :
राज्य कर राजस्व: ₹0.86 लाख करोड़ से ₹2.09 लाख करोड़
ऋण-GSDP अनुपात: 29.3% से 28%
सरकार इसे “संतुलित वित्तीय प्रबंधन” बता रही है।
रोजगार और गांवों में काम :
आपको बता दें कि इस दैरान 3363 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन हुआ 75.83 लाख श्रमिकों को काम मिला। 6.16 लाख परिवारों को 100 दिन रोजगार मिला साथ ही इनमें महिलाओं की भागीदारी 35% से बढ़कर 42% रही
पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल :
2024: 64.91 करोड़ पर्यटक
2025: 156.18 करोड़ (महाकुंभ बड़ा कारण)
अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज वैश्विक आकर्षण बन रहे हैं।
कानून व्यवस्था और निवेश :
गौरतलब है कि सरकार का दावा है कि उसने संगठित अपराध पर कार्रवाई, महिला सुरक्षा योजनाएं, सेफ सिटी, CCTV, एंटी-रोमियो स्क्वॉड द्वारा निवेश बढ़ने की बड़ी वजह बताया गया।
क्या संकेत दे रही है आर्थिक समीक्षा?
यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़ों का पुलिंदा नहीं बल्कि संकेत है कि सरकार यूपी को कृषि राज्य से औद्योगिक-सेवा आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में दिखाना चाहती है। हालांकि असली असर जनता की आय, रोजगार और महंगाई पर कितना दिखेगा यह आने वाले वर्षों में साफ होगा।
यूपी की पहली आर्थिक समीक्षा ने दावा किया है कि प्रदेश अब जनसंख्या का बोझ नहीं बल्कि आर्थिक ताकत बनने की राह पर है। जो कि जल्द ही भारत की नम्बर 1 अर्थव्यवस्था बनने की तरफ अग्रसर है।