नई दिल्ली: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को और अधिक सुरक्षित, तेज और स्मार्ट बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने की तैयारी में है। NPCI का लक्ष्य आने वाले समय में UPI को देश के हर कोने तक पहुंचाना, रोजाना होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ाना और डिजिटल पेमेंट को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
1 अरब ट्रांजैक्शन का लक्ष्य
आपको बता दें कि NPCI के प्रबंध निदेशक (MD) और CEO दिलीप असबे ने बताया कि आने वाले समय में UPI पर रोजाना 1 अरब (100 करोड़) ट्रांजैक्शन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 50 करोड़ नए यूजर्स को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस पूरे मिशन में AI सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
AI से और सुरक्षित होगा UPI
NPCI के अनुसार, डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी ट्रांजैक्शन का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में AI की मदद से संदिग्ध ट्रांजैक्शन की पहचान, फर्जी खातों का पता लगाने और साइबर फ्रॉड को रोकने पर विशेष जोर दिया जाएगा। AI लगातार ट्रांजैक्शन का विश्लेषण करेगा और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत अलर्ट जारी कर सकेगा। इससे आम लोगों का पैसा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित रहेगा।
भारतीय भाषाओं और वॉयस फीचर पर भी काम
विदित है कि NPCI सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि UPI को ज्यादा आसान बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। योजना है कि AI की मदद से भारतीय भाषाओं और वॉयस कमांड आधारित सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों और तकनीक से कम परिचित लोग भी आसानी से डिजिटल पेमेंट कर सकें। इसके अलावा AI आधारित सिस्टम भविष्य में ग्राहकों और छोटे व्यापारियों के लिए लोन (क्रेडिट) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आसान बना सकता है।
फिनटेक कंपनियों के लिए बड़ा मौका
NPCI का मानना है कि भारत के पास डिजिटल ट्रांजैक्शन का विशाल डेटा मौजूद है। इस डेटा का उपयोग करके बैंक और फिनटेक कंपनियां छोटे और अधिक सटीक AI मॉडल (Small Language Models) तैयार कर सकती हैं, जो ग्राहकों की समस्याओं का तेजी से समाधान करेंगे। NPCI का FIMI AI मॉडल पहले से ही लाखों ग्राहकों की पेमेंट संबंधी शिकायतों का तेजी से समाधान करने में मदद कर रहा है।
PhonePe और Google Pay को मिलेगी कड़ी चुनौती
आपको बता दें कि फिलहाल देश के UPI बाजार का बड़ा हिस्सा PhonePe और Google Pay के पास है। दोनों प्लेटफॉर्म मिलकर लगभग 80 प्रतिशत बाजार पर कब्जा रखते हैं। NPCI चाहता है कि बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे। इसी उद्देश्य से 31 दिसंबर 2026 से किसी भी एक UPI ऐप की अधिकतम बाजार हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक सीमित करने की योजना बनाई गई है।
BHIM ऐप को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
गौरतलब है कि NPCI अब अपने आधिकारिक BHIM ऐप को भी मजबूत और सुरक्षित विकल्प के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। AI आधारित नए फीचर्स, बेहतर सुरक्षा और आसान उपयोग के जरिए BHIM को PhonePe और Google Pay के मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की तैयारी है।
डिजिटल पेमेंट का अगला दौर होगा AI आधारित
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI डिजिटल भुगतान प्रणाली का सबसे बड़ा आधार बनेगा। इससे न सिर्फ ट्रांजैक्शन पहले से अधिक सुरक्षित होंगे, बल्कि करोड़ों नए लोग भी डिजिटल भुगतान से जुड़ सकेंगे। NPCI की यह पहल भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।