यूपी RERA ने प्रदेशभर में 74 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी!: नोएडा एयरपोर्ट के असर से 50% नए घर अकेले गौतमबुद्ध नगर में...वही जानें कैसे 12,500 करोड़ के मेगा निवेश से बदल जाएगी गाजियाबाद समेत इन 8 जिलों की तस्वीर?
यूपी RERA ने प्रदेशभर में 74 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का असर अब सिर्फ हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहा। एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को नई रफ्तार मिल गई है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने वर्ष 2026 में अब तक राज्यभर के 74 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं में करीब 12,500 करोड़ रुपये का निवेश होने जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, नए घरों और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण होगा तथा प्रदेश के कई शहरों में विकास की गति और तेज होगी।

गौतमबुद्ध नगर बना सबसे बड़ा रियल एस्टेट हब

आपको बता दें कि जेवर एयरपोर्ट का सबसे अधिक लाभ गौतमबुद्ध नगर जिले को मिलता दिखाई दे रहा है। राज्यभर में स्वीकृत 74 प्रोजेक्ट्स में से 18 प्रोजेक्ट अकेले गौतमबुद्ध नगर में शुरू किए जाएंगे। पूरे प्रदेश में बनने वाली लगभग 13,200 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स में से 5,126 यूनिट्स केवल गौतमबुद्ध नगर में तैयार होंगी। यानी प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत नए घर और कमर्शियल यूनिट्स इसी जिले में बनेंगे। वहीं, पड़ोसी गाजियाबाद में भी 10 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है।

UP RERA की 199वीं बैठक में कई बड़े फैसले

आपको बता दें कि प्रोजेक्ट्स की मंजूरी में तेजी लाने के लिए यूपी रेरा लगातार बैठकें कर रहा है। 1 अप्रैल को आयोजित 199वीं बैठक में लगभग 3,212.63 करोड़ रुपये की लागत वाले 11 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के तहत 2,914 नए फ्लैट, प्लॉट, विला और कमर्शियल यूनिट्स विकसित किए जाएंगे। इस बैठक में गाजियाबाद के लिए 1,108.69 करोड़ रुपये की लागत वाला आवासीय प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ, जिसमें 568 नए घर बनाए जाएंगे। वहीं, गौतमबुद्ध नगर में 843.14 करोड़ रुपये की लागत वाले बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिसके तहत 1,077 आईटी ऑफिस विकसित किए जाएंगे।

200वीं बैठक में भी 13 नए प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी

इसके बाद आयोजित 200वीं बैठक में भी 1,300.38 करोड़ रुपये के निवेश वाले 13 नए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के 8 जिलों में 1,976 नई आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स तैयार की जाएंगी। इस चरण में गाजियाबाद सबसे आगे रहा, जहां 767.58 करोड़ रुपये की लागत वाले दो बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हुए। इनके तहत 1,137 नए घर बनाए जाएंगे। गौतमबुद्ध नगर में भी 141.14 करोड़ रुपये की लागत वाले कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, जिसमें 21 व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी।

लखनऊ समेत कई शहरों में भी बढ़ेगा विकास

रियल एस्टेट का विस्तार अब केवल नोएडा और गाजियाबाद तक सीमित नहीं है। रेरा की नई मंजूरियों में राजधानी लखनऊ को सबसे अधिक प्रोजेक्ट मिले हैं। इसके अलावा मथुरा, सहारनपुर, बरेली, वाराणसी और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इससे इन शहरों में भी निर्माण कार्य तेज होने और निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट, बेहतर एक्सप्रेसवे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों की वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। नई परियोजनाओं के शुरू होने से निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी और प्रदेश के कई शहरों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

क्या होगा सबसे बड़ा फायदा?

  • 74 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

  • लगभग 12,500 करोड़ रुपये का निवेश

  • प्रदेश में 13,200 से अधिक नई आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स

  • गौतमबुद्ध नगर में अकेले 5,126 यूनिट्स का निर्माण

  • 8 जिलों में तेजी से बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार

  • जेवर एयरपोर्ट के आसपास रियल एस्टेट बाजार को मिलेगी नई उड़ान

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के साथ उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र न सिर्फ देश का बड़ा एविएशन हब बनेगा, बल्कि रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के लिहाज से भी नई पहचान हासिल कर सकता है।

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